बोधगया एक बार फिर भगवान बुद्ध की नगरी बोधगया को दहलाने की बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. शहर में बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के रहते हुए महाबोधि मंदिर के पास से दो जिंदा बम बरामद किए गए हैं.


रात भर चले तलाशी अभियान के मिले दो शक्तिशाली बमों को अब फल्गु नदी के किनारे डिफ्यूज किया जाएगा. सुरक्षा के दृष्टिकोण से नदी के किनारे भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है.


दरअसल, शुक्रवार रात 9 बजे के बाद महाबोधि मंदिर का परिसर और आसपास के इलाके में सन्नाटा था. लेकिन अचानक एक छोटे से धमाके के बाद रात की खामोशी टूट गई. महाबोधि मंदिर के ठीक बगल वाली गली में दो जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया. ये बम महाबोधि मंदिर के गेट नंबर चार से बरामद हुए.


हैरान करने वाली बात ये है कि तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा बोधगया में मौजूद हैं. वह दो जनवरी से महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना में भी हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में यहां उनकी मौजूदगी के वक्त बम मिलना काफी चिंताजनक माना जा रहा है.


बोधगया में विशेष आयोजन


बोधगया में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन चल रहा है. जिसमें दर्जनभर से ज्यादा देशों के 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं. ऐसे में इस बड़े आयोजन के बीच हुई सुरक्षा चूक ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है.


बम मिलने से सवाल


बमों की बरामदगी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बाद भी महाबोधि मंदिर के बगल में बम कहां से आए. इन बमों को किसने रखा और ये भी कि बम रखने वालों का मकसद क्या था.  


सवाल इसलिए बेहद अहम हैं क्योंकि महाबोधि मंदिर में इन दिनों विशेष कार्यक्रम चल रहा है. उसमें बौद्धगुरु दलाई लामा भी हिस्सा ले रहे हैं. जानकारी के मुताबिक बम मिलने से करीब घंटा भर पहले रात 9 बजे वे आराम करने के लिए मॉनेस्ट्री चले गए.


2013 में हुआ था विस्फोट


7 जुलाई 2013 को भी महाबोधि मंदिर परिसर में एक के बाद एक 9 धमाके हुए थे. उन धमाकों में 2 पुजारी समेत 5 लोग जख्मी हुए थे. उस वक्त तबाही की बड़ी आतंकी साजिश रची गई थी, लेकिन गनीमत थी कि जानमाल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ. लेकिन अब दो जिंदा बम मिलने से एक बार फिर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं.