घर में गंदगी का होना किसी अभिशाप से कम नहीं है। सुख-संपत्ति कभी उस घर में वास नहीं करती, जहां स्वच्छता न हो। मान्यता के अनुसार जिस घर में सुबह-सवेरे साफ- सफाई हो जाती है, वहां का वातावरण सदा सकारात्मक रहता है। पवित्र वातावरण में ही लक्ष्मी निवास करती हैं। वास्तु विद्वानों का कहना है घर के हर कोने से धूल को बाहर निकालने से अलक्ष्मी कभी दहलीज पर नहीं आ सकती। घर के वॉशरूम में गंदगी का होना राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ावा देता है। राहु-केतु छाया ग्रह हैं, जिनकी बदौलत रात को रंक व्यक्ति भी सुबह उठकर राजा बन सकता है। जो लोग सफाई कार्य का ध्यान नहीं रखते, वह सदा राहु-केतु के दोष से ग्रस्त रहते हैं। कालसर्प योग भी इनके प्रभाव का ही फल है। 


अधिकतर लोग नहाने के उपरांत वॉशरूम गंदा ही छोड़ देते हैं अथवा पानी का अनावश्यक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ज्योतिष के अनुसार ये आदत दुर्भाग्य और गरीबी को बढ़ावा देती है। इससे चंद्र भी कमजोर होता है क्योंकि ये पानी का कारक ग्रह है और बाथरूम जल तत्व से संबंधित है। जो लोग पानी को वेस्ट करते हैं, उनकी कुंडली में चंद्र संबंधित विकार आ जाते हैं। ऐसे व्यक्ति जितनी भी मेहनत कर लें, वह कभी धनवान नहीं बन पाते।


नहाने के बाद बाथरूम में वाइपर जरूर मारना चाहिए। गंदा बाथरूम छोड़ने से चंद्र अशुभ फल देता है। बाथरूम में बिखरा पानी भी अशुभता का संकेत देता है। नहाकर बाथरूम को साफ करने से शरीर का तेज बढ़ता है। पानी को अवश्यकता के अनुसार यूज करें, बर्बादी न करें।


घर का व्यर्थ जल बाहर न जाकर अपने ही वास्तु में रुक जाना एवं कीचड़ हो जाना भी अशुभ होता है। अतः परिवार के सुखद जीवन के लिए जल निकासी की व्यवस्था भी वास्तुनुकूल ही करनी चाहिए।