जीएसटी परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेटली ने बताया कि विभिन्न वर्गों से आए सुझाव पर विचार करने के बाद 49 वस्तुओं एवं 53 सेवाओं पर जीएसटी दरों में बदलाव का फैसला किया गया है। 

सस्ता होगा हीरा, कीमती पत्थर
अब हीरा एवं कीमती पत्थर सस्ता हो जाएगा क्योंकि इस पर जीएसटी की दरों को वर्तमान तीन फीसदी से घटा कर 0.25 फीसदी करने का निर्णय लिया गया है। 

छोटी कारों पर लगेगा 18 फीसदी GST

इसी तरह पुरानी मंझोली एवं बड़ी कारों पर 28 के बजाय 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा जबकि लेमनचूस, 20 रुपये प्रति लीटर तक के बोतलबंद पेय जल, कुछ कीटनाशी, बायोडीजल, ड्रिप और स्प्रिंकल सिंचाई के मशीनरी तथा स्प्रेयर पर 18 के बजाय 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा। 

इमली पाउडर पर लगेगा 5 फीसदी टैक्स

इमली के बीज से बने पाउडर पर अब जीएसटी 18 फीसदी के बजाय पांच फीसदी ही देय होगा। वेलवेट कपड़े पर भी जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी कर दिया गया है। इसी बैठक में कुछ वस्तुओं पर जीएसटी बढ़ा भी दिया गया है जैसे सिगरेट में लगने वाले फिल्टर रॉड पर अब जीएसटी की दर 12 की बजाय 18 फीसदी होगी जबकि चावल की भूसी को शून्य से पांच फीसदी के स्लैब में लाया गया है।

इसी तरह कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर भी जीएसटी दर में राहत मिली है। अब मेट्रो और मोनो रेल परियोजनाओं के निर्माण पर जीएसटी की दर 18 के बजाय 12 फीसदी होगी। स्मॉल हाउसकीपिंग सेवाओं पर अब पांच फीसदी की जीएसटी होगी लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। 

वाटर पार्क में घूमना होगा सस्ता
थीम या वाटर पार्क में घूमना भी अब सस्ता होगा क्योंकि अब 28 के बजाय 18 फीसदी की ही जीएसटी देय होगी। पेट्रोलियम पदार्थ, जैसे पेट्रोल और डीजल की ढुलाई पर लगने वाले जीएसटी को भी 18 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी किया गया है। कृषि उत्पादों के गोदामों में जो फ्यूमिगेशन किया जाता है, उस सेवा को जीएसटी से मुक्ति दे दी गई है।

25 जनवरी से लागू होगी नई दरें

जेटली ने बताया कि जीएसटी की नई दरें आगामी 25 जनवरी से लागू करने का फैसला लिया गया है।उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद की अगली यानी 26 वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये होगी। 


पेट्रोलियम पदार्थों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि जो आइटम जीएसटी से बाहर हैं उन पर बृहस्पतिवार की बैठक में चर्चा नहीं हुई है, जिसमें पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी शामिल हैं।उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर भी चर्चा की जाएगी।

अरुण जेटली ने कहा कि इस बैठक में मुख्यमंत्रियों की तरफ से कई तरह के सुझाव आए, जिनमें से कुछ को स्वीकार कर लिया गया और कुछ को खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, मगर अभी रिटर्न की फाइलिंग पहले की तरह ही चलती रहेगी। इस बारे में अगली बैठक में कोई फैसला होगा।