सतना। विंध्य और बुंदेलखंड में रेल सेवाओं के विस्तार का एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब  रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई ने नागौद में सतना-पन्ना रेल लाइन की आधारशिला रखी। उक्त रेल लाइन ललितपुर-सिंगरौली योजना के तहत बिछाई जानी है। सतना से पन्ना के बीच रेलवे 73.55 किमी. लंबी रेल लाइन के निर्माण के लिए रेल राज्यमंत्री ने मंडल रेल अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अगोल मैदान नागौद में शिलान्यास किया। उक्त परियोजना पूरी होने के साथ ही विंध्य और बुंदेलखंड रेलमार्ग से जुड़ जाएंगे। इसके लिए सतना-पन्ना के बीच 7 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। सतना-पन्ना रेल लाइन का शिलान्यास करने केन्द्रीय राज्यमंत्री रेग्युलर विमान से दिल्ली से खजुराहो 1.30 बजे पहुंचें, जहां ं से वह विशेष वाहन से नागौद 3.30 बजे पहुंचें और भारी भीड़ के बीच शिलान्यास किया।   यहां उनका स्वागत सतना सांसद गणेश सिंह, खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह, प्रदेश की जेल मंत्री कुसुम महदेले के अलावा डीआरएम डा. मनोज सिंह समेत अन्य रेल अधिकारियों ने किया। बताया गया कि  आधारशिला रखे जाने के बाद श्री गोहाई पुन: खजुराहो  चले गए  जहां से वह रेग्युलर विमान से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

कांग्रेस ने देखा था सपना, भाजपा कर रही पूरा

विन्ध्य और बुन्देलखण्ड को आपस में जोड़ कर विकास का सपना तकरीबन 20 साल पहले कांग्रेस सरकार ने देखा था, जो अब पूरा होने जा रहा है। लोकसभा में कांग्रेस सरकार ने 1997-98 में महत्वाकांक्षी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना को मंजूरी दी थी। तब से कई चरणों में इसके काम हुए और ललतिपुर से खजुराहो , छतरपुर तक रेल परियोजना पूरी कर ली गई, लेकिन सतना-पन्ना रेल लाइन का काम अब तक पूरा नहीं हो सका था।  14 माह पूर्व तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जब सीधी-सिंगरौली रेलखण्ड का भूमि पूजन किया था, तभी यह आस जग गयी थी कि अब ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना का काम आगामी सालों में निपटा लिया जायेगा।अब गुरूवार को सतना-पन्ना रेल लाइन के शिलान्यास से यह उम्मीद जगी है कि 20 साल पहले देखा गया विन्ध्य-बुन्देलखण्ड को जोडऩे का सपना अब पूरा हो सकेगा। बेशक यह परिकल्पना कांगे्रस सरकार की थी लेकिन वक्त के साथ बदले सत्ता समीकरणों के चलते अब इस सपने को पूरा भाजपा सरकार करने जा रही है।  विन्ध्य और बुन्देलखण्ड वासियों के लिये लाइफ लाइन मानी जाने वाली इस परियोजना के पूरा होने से जहां आवागमन सुगम होगा, वहीं इस रेल लाइन के निर्माण से विन्ध्य व बुन्देलखण्ड के कई ऐतिहासिक व पर्यटन स्थल न केवल जुड़ सकेंगे बल्कि व्यवसायिक गतिविधियों को भी एक नया आयाम मिल सकेगा।

पूरी परियोजना होते ही जुड़ेंगे ये शहर

ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना पूरी होते ही ललितपुर सिंगरौली रेलखण्ड से सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, पन्ना, खजुराहो, छतरपुर, टीकमगढ़ व ललितपुर शहर आपस में जुड़ जायेंगे।

ये होंगे सतना-पन्ना के बीच के स्टेशन

-करही,

- बरेठिया

-नागौद

- फुलवारी

- देवेन्द्र नगर

-सकरिया,

-पन्ना होगा

पन्ना-सतना के 173 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

 उक्त रेल लाइन शुरू होने से नागौद क्षेत्र के मढ़ा, खमरेही, इटमा बाघेलान, हरदुआ, अतरौरा, नौँनिया, गंगवरिया, पिपरी, बारापत्थर, सढ़वा, नामतारा, खैरा, बिकरा, भुलनी,रेरूआ खुर्द, बचवई, बरहा समेत सतना व पन्ना जिले के कुल 173 गांवों को लाभ मिलेगा। इस दौरान क्षेत्रवासियों को सस्ती यात्रा के साथ ही अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। रेल लाइन से जुडऩे के बाद पन्ना सीधे रेलमार्ग से सतना व दूसरी तरफ छतरपुर रेल लाइन से जुड़ेगा जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिल सकेगी।

मंच में बतारूज्ञ  अन्नदाताओं का दर्द

नागौद व रैगांव क्षेत्र के प्रभावित किसानों का दर्द मंच से बताया गया। शिलान्यास कार्यक्रम में नागौद विधायक यादवेंद्र व रैगांव विधायक ऊषा चौधरी को न्यौता दिया गया था जिन्होने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अन्नदाताओं के दर्द से मौजूद रेल अधिकारियों को परिचित कराया। दोनो विधायकों ने आश्वस्त किया है कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें वाजिब निर्धारित मुआवजा सरकार से दिलवाया जाएगा। प्रशासनिक गलियारों के चक्कर लगा चुके किसानों की आस अब क्षेत्रीय विधायकों पर टिकी है। अब देखना यह है कि किसानों के हक के लिए क्षेत्रीय विधायक आगामी समय में किस प्रकार का रवैया अख्त्यिार कर किसानों को उनका समुचित हक सरकार से दिलवाते हैं।

फैक्ट

पन्ना-सतना रेल लाइन योजना

पन्ना - सतना की कुल दूरी - 73.55 किमी

                कुल लागत - 918.17 करोड़ रुपए

रोड ओवरब्रिज की संख्या - 8

रोड अंडरब्रिज की संख्या - 19

स्टेशन की संख्या - 08

2015-16 में लागत- 231 करोड़ रुपए

2016-17 में लागत में हुई वृद्घि -50 करोड़

कुल लागत - 281 करोड़ रुपए

टारगेट पर एक नजर

वर्ष 2019-20 - सतना- नागौद की रेल लाइन 30 किमी

वर्ष 2020-21 - नागौद- सकरिया की रेल लाइन 30 किमी

वर्ष 2021-22 - सकरिया- पन्ना- 13.55 किमी

जमीन अधिग्रहण पर एक नजर

राजस्व भूमि की अधिग्रहित की गई कुल भूमि - 320 हेक्टेयर

वन विभाग की वन भूमि - 70 हेक्टेयर

अधिग्रहित की गई कुल भूमि- 390 हेक्टेयर

जमीन अधिग्रहण की मुआवजा राशि - 306 करोड़

केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दी गई राशि - 281 करोड़