चंडीगढ़ लगता है हरियाणा सरकार को बेटियों की सुरक्षा से ज्यादा फिल्म पद्मावत की चिंता है. सूबे में एक के बाद एक रेप की वारदात रुकने का नाम नहीं ले रही. कल सरकार जब पद्मावत को बैन करने का एलान कर रही थी, तभी फतेहाबाद से रेप की छठी वारदात सामने आ गई.


इसी बीच हरियाणा में रेप की घटनाओं पर ADGP ने अपना शर्मनाक बयान देकर रही सही कसर पूरी कर दी है. उन्होंने कहा कि रेप समाज का हिस्सा है. ऐसी घटनाएं आज से नहीं, अनंतकाल से होती चली आ रही हैं. इस पर बवाल मचने के बाद उन्होंने सफाई देनी पड़ी है.


इधर, एक के बाद एक रेप की वारदात में अब फतेहाबाद का नाम भी जुड़ गया है. 20 साल की एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसके घर में घुसकर गांव के ही दो युवकों ने उसके साथ रेप किया. वारदात के वक्त पीड़िता का पूरा परिवार नाना की रस्म पगड़ी में गया हुआ था.


आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बना दी गई हैं, लेकिन आरोपी भी अभी कानून की पहुंच से बाहर हैं. इतना ही इससे पहले हरियाणा के हिसार की रोंगटे खड़े वाली वारदात सामने आई, जो सूबे में रहने वाले हर माता-पिता के लिए बेहद चिंता में डालने वाली है.


आरोप है कि साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची को घर में अकेली पाकर पड़ोस के 15 साल के किशोर ने उसके साथ रेप किया. बच्ची के माता-पिता मजदूर हैं और वारदात के वक्त वो काम पर गए थे. घर आकर जब उन्होंने बच्ची को लहूलुहान देखा तो अस्पताल में भर्ती कराया.


इस बीच स्थानीय लोगो ने आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश कर आरोपी को सुधारगृह में भेज दिया गया है. हरियाणा में अचानक महिलाओं के खिलाफ बर्बर अपराध की बाढ़ से दिल्ली तक हड़कंप है.


इसे लेकर दिल्ली में कुछ संगठनों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. सवाल उठता है कि क्या खट्टर सरकार की कानून व्यवस्था पर पकड़ नहीं रही कि अपराधी बेखौफ हो गए हैं? यही वजह है कि रेप की घटनाओं से सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं.