मथुरा  बदमाशों का एनकाउंटर करने में जुटी यूपी पुलिस की लापरवाही से एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी. जी हां, मथुरा की हाईवे थाना पुलिस पास के ही एक गांव में एनकाउंटर करने गई थी. वहां अपराधी तो भाग निकले, लेकिन बताया जाता है कि पुलिस की गोली से एक बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद सीएम ने 5 लाख मुआवजे की घोषणा की है.


सूबे को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए अपराधियों का ताबड़तोड़ एनकाउंटर कर रही यूपी पुलिस का ऑपरेशन ऑल आउट पहली बार बड़े विवादों में घिर गया है. आरोप है कि बुधवार को मथुरा के थाना हाईवे इलाके में मुठभेड़ के वक्त पुलिस की गोली आठ साल के एक बच्चे माधव की मौत हो गई. इस पर सूबे के मुखिया ने दुख जताया है.


जानकारी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर हाईवे थाना पुलिस किसी बदमाश को पकड़ने नवादा गांव के एक खेत में दबिश दी थी. पुलिस को देखते ही बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे. बदमाशों का पीछा करते हुए पुलिस अडुकि गांव के खेतों में पहुंच गई. करीब आधे घंटे तक एनकाउंटर चला. पुलिस और बदमाशों के बीच गोलियां चलती रहीं.


इसी दौरान पुलिस की एक गोली वहीं खेल रहे बच्चे माधव के सिर पर जा लगी. जख्मी बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. पूरे मामले में गौर करने वाली बात ये है कि वहां मौजूद किसी भी चश्मदीद ने किसी बदमाश को देखा ही नहीं. ऐसा लगता है पुलिस ने सिर्फ बदमाश होने के अंदेशे में गोलियां चला दी.


पुलिस की गोली से बच्चे की मौत की खबर फैली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में आला अधिकारी बच्चे के घरवालों से मिले. उन्हें सांत्वना दी और मुआवजे का एलान किया. डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि ये बहुत दुखद है. इस दुख की घड़ी में पूरा प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है. सीएम ने 5 लाख के मुआवजे की घोषणा की है.


इस बीच यूपी पुलिस ने पूरे मामले की जांच का भी एलान कर दिया है. एसएसपी स्वप्निल ममगई ने बताया कि एनकाउंटर की जांच कराई जा रही है. हालांकि, एनकाउंटर का सच क्या है ये जानना जरूरी है? उम्मीद है जल्द जांच रिपोर्ट आएगी और सच्चाई का पता चल जाएगा. यूपी में एनकाउंटर को लेकर मानवाधिकार आयोग पहले ही सवाल खड़े कर चुका है.