घर में रसोई को बहुत ही महत्व दिया जाता है। कहते हैं कि रसोई में मां अन्नपूर्णा की वास होता है। इसलिए ही हिंदू धर्म में भी रसोई को अधिक महत्ता है। इतना ही नहीं वास्तु और फेंगशुई के अनुसार भी घर की सुख-समृद्धि में रसोई का महत्वपूर्ण रोल होता है। इसके साथ ही रसोई में उपयोग करने वाले चूल्हे को भी बहुत अहमियत दी गई है। जब फेंगशुई का चलन शुरू हुआ, तब अधिकतर लोग किसान थे। उनकी रोजी-रोटी इस बात पर निर्भर करती थी कि वे साल में कितनी फसलें बोते और काटते हैं। उनकी सोच में यह बदलाव आया कि वे खाद्यान्न और संपत्ति को एक-दूसरे का पर्याय मानने लगे। तब से चूल्हे या स्टोव को धन-दौलत और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण वस्तु के रूप में गिना जाता है।



रसोई में कहां रखें चूल्हा

चूल्हे को इस तरह रखें कि वहां से रसोई का दरवाजा सामने दिखाई दे।



ध्यान रहे कि जब चूल्हा उपयोग में न हो तो इसे हमेशा साफ-सुथरा करके रखें। यह सफाई केवल बर्नर तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उसे हर तरफ से पीछे से और अंदर से साफ रखें ताकि घर में काम ठीक से चले और धन ज्यादा से ज्यादा आए।


 

घर के प्रवेश द्वार से चूल्हा दिखाई नहीं देना चाहिए वर्ना घर के धन पर आंच आने की संभावना बनी रहती है। चूल्हे पर नजर न जा पड़े, इसके लिए पर्दा या पार्टीशन लगा दें। यह सुनिश्चित करें कि चूल्हा सिंक या रैफ्रिजरेटर के पास न हो। आग और पानी से भाप बनती है। यह भाप इतनी गर्म होती है कि उसका सामना करना मुश्किल हो जाता है। स्टोव अग्नि पुरुष और सिंक जल स्त्री होती है। जिस तरह नर-नारी के बीच नोक-झोंक हो जाती है, उसी तरह स्टोव और सिंक एक-दूसरे के पास होने पर बिगाड़ पैदा हो जाता है। इससे बचने का एक तरीका यह है कि दोनों के बीच गोल स्फटिक बॉल लटका दी जाए।


 


इसी तरह जब अग्नि पुरूष रूपी स्टोव नारी रूपी जल युक्त रैफ्रीजरेटर के पास होगा तो उसमें वैसी ही समस्याएं पैदा हो जाएंगी जो स्त्री-पुरुष के बीच हो जाती हैं। संबंधों को सुधारने के लिए बांस की बनी बांसुरी रैफ्रीजिरेटर के एक तरफ रख दें। इससे 5 तत्वों वाला सृजनात्मक चक्र पैदा होगा जिसमें लकड़ी को पानी से ताकत मिलेगी और आग को लकड़ी से। फेंगशुई विशेषज्ञ धन आमदनी को दौगुना करने, समृद्धि बढ़ाने और स्टोव के सामने खाना बना रहे रसोइए की रक्षा के लिए स्टोव के पीछे आईना रखने की सलाह देते हैं।