नई दिल्ली । नोटबंदी के बाद कानपुर से पकड़े गए सबसे बड़े पुराने नोटों के जखीरे से सरकार को सबसे बड़ी जुर्माने की रकम भी मिल सकती है। नोटबंदी के बाद संसद से पारित कानून के मुताबिक पकड़े गए पुराने नोटों पर पांच गुना जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपये जुर्माने में मिल सकते हैं। गौरतलब है कि एनआइए ने ऐसे ही रैकेट का पर्दाफाश करते हुए आठ नवंबर को दिल्ली के कनाट प्लेस इलाके से 36 करोड़ रुपये का पुराने नोट बरामद किया था।


उत्तरप्रदेश पुलिस को पुराने नोटों के इस जखीरे के बारे में सूचना देने वाले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कानपुर में पकड़े गए नोटों के आतंकी नेटवर्क के साथ कोई संबंध नहीं होने के कारण एजेंसी ने खुद कार्रवाई नहीं की। जबकि इसके पहले दिल्ली में जो 36 करोड़ रुपये की रकम बरामद हुई थी वह कश्मीर में आतंकी फंडिंग से जुड़ी थी। इसी कारण एनआइए ने खुद कार्रवाई थी और आरोपियों के खिलाफ आतंकरोधी कानून की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।


उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून बिलकुल साफ है। जिनके पास से पुराने नोट मिले हैं, उन्हें पांच गुना जुर्माना भरना होगा। यही नहीं, जुर्माने की रकम हासिल करने के लिए आरोपियों की संपत्ति को भी जब्त किया जा सकता है। वैसे एनआइए अपने पुराने मामले में अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि आखिरकार ये पुराने नोट बैंकों के चेस्ट तक पहुंचते कैसे थे और बदले कैसे जाते हैं।


देर रात आयकर विभाग ने शुरू की छापेमारी


कपड़ा कारोबार के साथ साबुन व प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले आनंद खत्री के ठिकानों पर आयकर विभाग ने देर रात छापेमारी शुरू कर दी। काहूकोठी व जनरलगंज समेत स्वरूपनगर स्थित घर व शोरूम पर भी आयकर की टीम पहुंची और जांच में जुट गई। टीम दुकान के लेजर बुक व गोदाम के स्टाक का मिलान करती रही।