नई दिल्ली, हाल ही में सियासत की दुनिया में एंट्री लेने वाले सुपरस्टार रजनीकांत के लिए आगे की राह कैसी होगी. क्या रजनीकांत राजनीति के भी सुपरस्टार साबित होंगे. सूबे की बेहद लोकप्रिय नेता जयललिता के निधन और कलाईनार के तौर पर मशहूर डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि के संन्यास के बाद तमिलनाडु की सियासत में पैदा हुए खालीपन को भरने में रजनीकांत कितना कामयाब होंगे. 'इंडिया टुडे' ने इन सभी मुद्दों पर तमिलनाडु के लोगों से उनकी राय जानने की कोशिश की.


इंडिया टुडे-कार्वी की ओर से किए गए एक ओपिनियन पोल के मुताबिक 53% लोगों का मानना है कि रजनीकांत राजनीति में सफल होंगे. इस पोल के मुताबिक 34 फीसदी लोगों का मानना है कि रजनीकांत सियासत में कामयाब नहीं होंगे. जबकि 13 फीसदी लोगों का जवाब था कि वो इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.


लोगों से जब यह पूछा गया कि क्या रजनीकांत सियासी गैप को भरने में कामयाब होंगे. इस पर 40 फीसदी लोगों का कहना था कि रजनीकांत ऐसा कर पाएंगे. हालांकि 51 फीसदी लोग यह मान रहे हैं कि रजनीकांत ऐसा नहीं कर पाएंगे, वहीं 9 फीसदी का जवाब था कि वो इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.


ओपिनियन पोल के मुताबिक अगर तमिलनाडु में आज की तारीख में विधानसभा चुनाव होते हैं तो राजनीकांत मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार होंगे, यह कल्पना दूर की कौड़ी दिखाई देती है.


रजनीकांत की सियासत में एंट्री से सूबे में सत्तारुढ़ एआईएडीएमके के वोटरों का झुकाव किस ओर होगा, इस सवाल के जवाब में 66 फीसदी लोगों का मानना है कि वोटर अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे जबकि 9 फीसदी का कहना है कि ये वोटर डीएमके की ओर शि‍फ्ट होंगे. ओपिनियन पोल में हिस्सा लेने वाले 20 फीसदी लोग यह मानते हैं कि एआईएडीएमके के वोटर रजनीकांत की पार्टी में शिफ्ट होंगे. हालांकि अभी तक रजनीकांत की पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का ऐलान नहीं हुआ है.


वहीं महज 5 फीसदी मान रहे हैं कि ये वोटर दूसरी पार्टि‍यों की तरफ शिफ्ट होंगे. वहीं, जब डीएमके के वोटरों की बात करें तो 78 फीसदी लोगों का मानना है कि वोटर पार्टी के प्रति वफादार बने रहेंगे. पांच फीसदी लोगों का मानना है कि ये वोटर एआईएडीएमके के प्रति शिफ्ट होंगे जबकि 14 फीसदी मानते हैं कि ये वोटर रजनीकांत की पार्टी में शिफ्ट होंगे. तीन फीसदी लोग यह भी मानते हैं कि डीएमके के वफादार वोटर दूसरे दलों की ओर रुख कर सकते हैं.