भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और तकनीकी परामर्श के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ये नोडल अधिकारी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, बैंकों और संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर स्व-सहायता समूहों की मदद करेंगे। 


मुख्यमंत्री रेडियो कार्यक्रम 'दिल से" में महिला स्व-सहायता समूहों को लेकर बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा से जुड़े विषय पर भी बातचीत की। शिवराज ने कहा कि सरकार महिला स्व-सहायता समूहों की प्रशिक्षण नीति की समीक्षा कर नई नीति बनाएगी। यदि स्व-सहायता समूह अच्छी गुणवत्ता का उत्पाद बनाते हैं तो उनके उत्पादों की खरीदी पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये समूह स्कूलों में मध्या- भोजन और आंगनबाड़ी में गर्म पोषण आहार वितरण को लेकर करीब 1500 करोड़ रुपए का काम कर रहे हैं। वहीं आने वाले दिनों में 70 लाख बच्चों की यूनीफॉर्म बनाने के लिए करीब 280 करोड़ रुपए सालाना का कारोबार करेंगे। 


बिना सीसीटीवी वाली बस को परमिट नहीं


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल एवं सिटी बसों में बहनों और बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए इन बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है। जो बस मालिक सीसीटीवी लगाएंगे, उन्हें ही बस का परमिट दिया जाएगा। 


आत्मरक्षा के प्रशिक्षण का विस्तार होगा


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेत्रहीन बालिकाओं को भी अपनी रक्षा के लिए जूडो-कराते का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुलिस के जूडो-कराते के प्रशिक्षकों के अलावा अन्य प्रशिक्षकों की व्यवस्था कर इसका विस्तार किया जाएगा। यह सुझाव कार्यक्रम में 'माय जीओवी एप" के माध्यम से शैलेश शर्मा ने दिया था।