नई दिल्ली वरिष्ठ बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के बयान से उलट सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की शिकायत को न्यायपालिका का आंतरिक मसला मानने से इनकार किया है. सिन्हा ने कैबिनेट मंत्रियों से अपील की है कि वे वरिष्ठ जजों को समर्थन दें.


CJI के कामकाज पर जजों ने उठाया सवाल


शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यशवंत सिन्हा ने दावा किया कि बीजेपी नेता डरे हुए हैं और इसलिए वे खुलकर जजों का का समर्थन नहीं कर रहे हैं. जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के काम करने के तरीकों पर सवाल उठाने को सिन्हा ने असाधारण कदम बताया है.


'देश की न्यायपालिका में समझौता सही नहीं'


सिन्हा ने कहा, 'मीडिया के जरिए जजों ने देश से अपनी शिकायतें साझा कीं, जिसे भी इस देश और लोकतंत्र की चिंता है, उसे आज अपनी आवाज उठानी चाहिए. अगर न्यायपालिका के साथ समझौता होगा, तो इसका दुष्परिणाम सभी पर पड़ेगा.'


'जजों की शिकायत न्यायपालिका का आंतरिक मसला नहीं'


इस मामले को BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने न्यायपालिका का आंतरिक मसला बताया था. इस पर सिन्हा ने कहा कि जब चार जज खुलेआम इसकी शिकायत कर रहे हैं, तो ये न्यायपालिका का आंतरिक मामला कैसे हो सकता है. यशवंत सिन्हा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों, सत्ताधारी सरकार और चुने हुए प्रतिनिधियों को इसकी चिंता करनी चाहिए.