राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ सामाजिक समरसता के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि मकर संक्रांति के दिन सम्पन्न लोग समाज के गरीब तबके के लोगों के घर जाकर तिल-गुड़ दें और एकात्म का संदेश दें.


मध्य प्रदेश के विदिशा में एकात्म यात्रा शामिल हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में भले ही अलग-अलग धर्म, संप्रदाय, खान-पान के लोग रहते हैं लेकिन वे सम्पूर्ण भारत राष्ट्र के एकात्म की बात कह रहे हैं.


मोहन भागवत ने कहा, 'हम सब एक हैं यही हमारी संस्कृति का संदेश है. ये संदेश कह कर नहीं करके दिया जाता है. केवल प्रवचन से कुछ नहीं होता, करना पड़ता है.


मोहन भागवत ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सभी पंथ और सम्प्रदाय का सम्मान करने और जाति के आधार पर भेद नहीं करने का संकल्प दिलाया.



उन्होंने कहा, '14 जनवरी को सभी को संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं देना. जिस सब्जी वाले से सब्जी लेते हों, कोई बर्तन मांजने वाली आती हो, नाई हो सबके घर जाना. उनको संक्रांति की शुभकामनाएं देना. राखी और दिवाली वाले दिन भी जाना. अगली संक्रांति तक ऐसा करेंगे तो आदि शंकराचार्य का वेदांत अपने आप सिद्ध हो जाएगा.'


मोहन भागवत के भाषण के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ही ऐलान किया कि संघ प्रमुख ने जो परिवार गिनाए उनके घर पत्नी साधना सिंह के साथ इसी संक्रांति से तिल गुड़ बांटने जाऊंगा.