मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हॉकी प्लेयर खुशबू खान के मदद की गुहार लगाने पर विधायक और भोपाल भाजपा अध्यक्ष विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने अजीब बयान दिया है. विधायक का कहना है कि खुशबू बेहतरीन खिलाड़ी होती तो झुग्गी में नहीं रह रही होती.अब तक सरकार की तरफ से उन्हें नौकरी मिल गई होती. खुशबू जैसे तो लाखों लोग है. हर कोई सड़क पर खड़े होकर मदद की गुहार लगाने लगता है. हर किसी की मदद नहीं की जा सकती है. मीडिया तो हर मामले को तूल देने लगता है.


विधायक ने ना तो खिलाड़ी की खेल भावना का सम्मान किया बल्कि मखौल उड़ाते हुए कहा कि वो कोई अंडर-19 टीम में गोलकीपर नहीं है. अंडर-19 टीम के लिए कैंप में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों में ही खुशबू को शामिल कर दिया.


दरअसल, राजधानी भोपाल के पशुपालन अस्पताल के पास एक झुग्गी में रहने वाली खुशबू नेशनल खिलाड़ी हैं. दोपहर 2 से 3 बजे तक टीटी नगर स्टेडियम में जिम करती हैं. फिर यहां से पैदल ही ध्यानचंद स्टेडियम के लिए निकल जाती हैं. दिनभर में करीब 12 किलोमीटर पैदल चलती हैं और रात आठ बजे घर पहुंचती हैं.


इतनी कठिनाइयां कम नहीं थी कि अब उसके परिवार को बेघर किया जा रहा है उनकी झुग्गी तोड़ी जा रही है. इसलिए खुशबू ने मंगलवार को जनसुनवाई में अपने लिए स्टेडियम के पास घर की मांग की है इससे पहले वे सीएम से भी घर के लिए गुहार लगा चुकीं हैं. खुशबू का कहना है कि क्रिकेट को जिस तरह से तवज्जो दी जाती है उतनी सुविधाएं हॉकी खिलाड़़ियो को नहीं दी जाती हैं.