बिलासपुर। कोटा ब्लॉक के सुदूर वनांचम ग्राम बाहरीझिरिया,धोठेरभाठा व कारी माटी के बैगाओं की तीसरी पीढ़ी है जो आज भी लालटेन युग में जीवन जी रही है। ये तीन गांव ऐसे हैं जहां आजतक बिजली नहीं पहुंच पाई है। सौभाग्य योजना भी इनके अंधेरे जीवन में रोशनी नहीं ला पाया है। बिजली की आस में आधा दर्जन आदिवासी कामधंधा छोड़कर कलेक्टोरेट आए थे। आदिवासियों ने अपनी भाषा में कलेक्टर के सामने गुहार लगाई है।


केंद्र शासन ने हर घर में बिजली कनेक्शन पहुंचाने का अभियान चलाया है । इसके लिए सौभाग्य योजना लांच की है। इस योजना के तहत ऐसे हितग्राही जिनके घरों में आजतलक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है उनके घरों को रोशन करने किया जा रहा है।


राज्य सरकार ने इसे बिजली तिहार के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके बाद भी सौभाग्य योजना का लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को जनदर्शन के दौरान बाहरीझीरिया से से आधा दर्जन से ज्यादा बैगाओं ने कलेक्टर से मिलकर गांव में बिजली कनेक्शन देने की गुहार लगाई।


बिजली के साथ ही पानी के लिए भी तरस रहे बैगाओं ने बताया कि बिजली के साथ वे लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्राम पंचायत में आवेदन देने के बाद भी निराकरण नहीं किया जा रहा है। बीते वर्ष लोक सुराज अभियान के दौरान भी आवदेन दिया था । इस पर भी कोई अमल नहीं हो पाया है।


ये कहते हैं बैगा


- ग्राम बाहरीझिरिया के धरमसाय का कहना है कि यह हमारी तीसरी पीढ़ी है। जिसने गांव व घरों में आजतक बिजली नहीं देखा है। हम लोग कामधंधा छोड़कर आज घरों में बिजली लगाने की मांग लेकर आए हैं।


- बाहरीझिरिया के बहत राम ने बताया कि हमारे दादा और उसके बाद हमारे पिताजी लोगों के जमाने में भी गांव में बिजली नहीं आई थी। अब हम लोगों के साथ ही हमारे बेटे बेटियों को भी यह दंश झेलना पड़ रहा है। हमारे बेटे बेटियों को बिजली की सुविधा मिले इसी खातिर कलेक्टर से गुहार लगाने आए हैं।