ग्वालियर। देश के नंबर 1 थाने का मूल मंत्र जनता से दोस्ती है। जनता के बीच ज्यादा से ज्यादा रहकर उन्हें अपना दोस्त जैसा बना लेना। पुलिस से लोग डरे नहीं बल्कि एक दोस्त की तरह तत्काल समस्या बताएं। थाने में आने वाले हर व्यक्ति की तत्काल सुनवाई भी आरएसपुरम थाने की पहली प्राथमिकता है। सामुदायिक पुलिसिंग के इस फार्मूले से ही आरएसपुरम देश का सर्वश्रेष्ठ थाना बना है।


नईदुनिया ने यह मंत्र जाना आरएसपुरम थाने के मौजूदा थाना प्रभारी पी जोथी से। उनसे मोबाइल पर संपर्क किया जिसमें उन्होनें थाने की कार्यप्रणाली साझा की। अपने प्रदेश-शहर की बात करें तो हालत यह है कि सरकार आदर्श थाने का प्रयोग तीन महीने ही करके भूल गई। शहर के पड़ाव थाने को आदर्श थाना बनाया गया था और हकीकत परखी तो किराए के ढ़ांचे में अव्यवस्थित थाना दिखा।


आरएसपुरम थाना - ये भी किया


1-व्यवहारः थाना प्रभारी के अनुसार जनता से पुलिस का व्यवहार पुलिस की छवि बनाता-बिगाड़ता है। एक सिपाही का व्यवहार बेहद मायने रखता है क्योंकि वह जनता के बीच रहता है।


2-जुड़ावः क्षेत्र में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक से पुलिस को जुड़ना जरुरी है। इन वर्गों को यह विश्वास दिलाना होगा कि पुलिस का एक ही मकसद है जनता की मदद।


3-रिस्पांसः थाने में फरियादी को तत्काल रिस्पांस देने से उसे राहत मिलती है और उसे यह विश्वास हो जाता है कि पुलिस उनके साथ कुछ भी गलत नहीं करेगी। फरियादी का जनता पर भरोसा बढ़ता है।


रियलिटी चेकः पहले आदर्श था थाना, यहां भटकती मिली बुजुर्ग


इधर तीन महीन के लिए आदर्श थाने का प्रयोग लाई प्रदेश सरकार को अब इससे कोई मतलब नहीं है। इसी कड़ी में ग्वालियर रेंज में जिले का पड़ाव थाना और गुना का चाचौड़ा को आदर्श थाना बनाया गया था। तीन महीने तक प्रतिष्ठित कंपनी की तरह 8-8 घंटे की डयूटी से लेकर सभी सुविधाएं दीं गईं और फिर सब खत्म। उसी पड़ाव थाने में आज की हकीकत नईदुनिया ने जानी तो भवन की बदहाली तो किसी से नहीं छिपी थी बल्कि यहां फरियादी से भी पुलिस को खास सरोकार नहीं था, 75 साल की बुजुर्ग यहां एक्सीडेंट की रिपोर्ट लिखाने के लिए भटकती मिली। उसका कहना था दो महीने से पुलिस उसकी नहीं सुन रही है


बिट्टन बाईः मेरी कब सुनेगी पुलिस


पड़ाव थाने की सीमा में बिट्टन बाई पत्नी दिवंगत इमाम खान निवासी छोटा बाजार घासमंडी को 27 नवंबर 2017 को ऑटो ने टक्कर मार दी थी। इससे बिट्टन बाई को चोट पहुंची थी। घटना के दिन से लेकर बिट्टन बाई अभी तक रिपोर्ट लिखवाने के लिए ही भटक रही है लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।