हालांकि मास्टरबेशन यानी हस्तमैथुन से कई वर्जनाएं जुड़ी होती हैं, बावजूद इसके यह एक खूबसूरत अहसास है। इसका मकसद है अपने शरीर को एक्सप्लोर करना और यह जानना है कि उसे क्या पसंद है और क्या पसंद नहीं है और अपने शरीर को अंतरंग रूप से किस तरह से समझा जा सकता है। हालांकि कई बार मास्टरबेशन के दौरान भी ऑर्गज्म हासिल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि मास्टरबेशन के दौरान आपको कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए...

अक्सर महिलाएं इस बात को लेकर शर्मिंदगी महसूस करती हैं कि उन्होंने खुद को संतुष्ट करने की कोशिश की। इस अपराधबोध के पीछे पारिवारिक कारण हो सकते हैं जिस वजह से हमें ऐसा लगता है कि हमने अपने आदर्शों से धोखा किया है। अपराधबोध या शर्मिंदगी महसूस करना, मास्टरबेशन की सबसे बड़ी बाधा है।

जब आप खुद को संतुष्ट रखने की बात से शर्मिंदगी महसूस करती हैं तो जाहिर सी बात है आप इसे अपने पार्टनर से छिपाती हैं। यह फीलिंग आपको स्वतंत्र रूप से मास्टबेट करने से रोक देती है क्योंकि आपको लगता है कि ऐसा कर आप अपने पार्टनर से विश्वासघात या छल कर रही हैं।

कई महिलाओं को क्लाइमैक्स तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है। इसका मतलब यह नहीं है कि उन महिलाओं में कुछ कमी है। हर महिला का शरीर एक दूसरे से अलग होता है और सभी का शरीर अलग-अलग तरह से काम करता है। अगर मास्टरबेशन शुरू करने के 2 मिनट के अंदर ही आप क्लाईमैक्स तक न पहुंचे तो उसे बीच में ही बंद न कर दें यह सोचकर क्लाइमैक्स होगा ही नहीं।

बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जो पूरे प्रोसेस को इंजॉय किए बिना ही सीधे क्लाइमैक्स हासिल करने का लक्ष्य लेकर चलती हैं। ऐसी महिलाएं अपने लिए एक सेट टाइम फ्रेम बनाकर रखती हैं और आपके मन में इन खत्म करने की जल्दी होती है। हर बार, हर प्रोसेस से पहले दिमाग में प्लानिंग करने की वजह से मास्टरबेशन की मस्ती निकल जाती है।

कई बार मास्टरबेशन करने के दौरान ही आपके दिमाग में दूसरी तरह की इतनी बातें चल रही होती हैं कि आप उसे मोमेंट पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाती हैं और यही वजह है कि बहुत सी महिलाएं ऑर्गैज्म हासिल नहीं कर पाती हैं।