वास्तु विज्ञान में बताया गया है कि हमारे आस-पास और घर में मौजूद चीजों का किसी न किसी रुप में हम पर जरुर असर होता है। इसलिए हमें घर के लिए बताई वास्तु से संबंधित बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि हमारा जीवन सुखमय हो सके।



घर के मुख्य द्वार पर बैठे हुए गणपति की दो मूर्तियां इस प्रकार लगाएं कि दोनों की पीठ एक-दूसरे से सट जाए। इससे घर में ऋद्धि-सिद्धि का वास होगा। सत्यनारायण की पूजा, व्रत और पाठ करवाएं। "ऊं नमो भगवते वासुदेवाय" का पाठ करें। इससे लक्ष्मी का स्थायी निवास होगा। 



11 सफेद एवं सुगंधित पुष्प लेकर चौराहे के मध्य में प्रात: काल सूर्य के उगने से पूर्व रख दें तो ऐसे व्यक्ति को अकस्मात धन लाभ होने की संभावना बनती है।



परिवार की महिला शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी का व्रत करे और दान करें। इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।



रद्दी या बेकार का कबाड़ शनिवार के दिन बेचने से घर की दरिद्रता दूर होती है।



दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना अपने पूजा घर में करें। यह लक्ष्मी का स्वरूप है। इससे लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। 



गुरुवार के दिन घर में कभी भी पोचा न लगाएं।



संध्या के बाद कचरा बाहर न फैंके। शाम होने से पहले सूखे कपड़े जो खुली जगह में सुखाने के लिए डाले हैं उन्हें अवश्य उठाकर समेट लें।



बैंक की किताब, चैक बुक, धन आदि जिस अलमारी में रखें, उस अलमारी का मुंह उत्तर दिशा की ओर होना अच्छा माना जाता है।



अपने गृह-मंदिर में पारदर्शी स्फटिक शिवलिंग की स्थापना करें। यह सुख-समृद्धि लाता है।



चींटियों को शक्कर में मिला आटा खिलाएं।



संध्या होने से पूर्व घर में लक्ष्मी जी के चित्र के सामने घी का दीपक जलाकर उनकी पूजा करें।



घर से किसी भी शुभ काम के लिए निकलें तो थोड़ा-सा दही खा लें। 



धन संबंधी कोई भी कार्य सोमवार और बुधवार को करें।



घर में श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, एकमुखी रुद्राक्ष की स्थापना भी लक्ष्मी आगमन का द्योतक है।



घर में तुलसी, काला धतूरा, सफेद आक, त्रिधारी मोर एवं केले का पौधा लगाना समृद्धिदायक है।