इंदौर । डीपीएस बस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन और आरटीओ की सख्ती के चलते कई स्कूल-कॉलेजों ने ताबड़तोड़ मेंटनेंस शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन में भमोरी के कारखानों में शैक्षणिक संस्थानों के 60 से ज्यादा ज्यादा वाहन मेंटनेंस के लिए पहुंचे हैं। रिपेयरिंग और मेंटनेंस करने वालों ने शैक्षणिक संस्थानों को वेटिंग का होने की बात कहकर फिलहाल बसें न भेजने को कह दिया है।


परिवहन विभाग दावा करता है कि अधिकांश स्कूल बसों का फिटनेस है जबकि हकीकत भमोरी के वर्कशॉप में दिख रही है। रिपेयरिंग करने वालों के मुताबिक आमतौर पर छुट्टियों और रविवार को ही भमोरी में तीन-चार शैक्षणिक संस्थानों की बसें रिपेयरिंग के लिए आती थी लेकिन बस हादसे के बाद मेंटनेंस व सुधार के लिए गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अधिकांश शैक्षणिक संस्थान अपनी स्कूल बसों का मेंटनेंस गर्मियों की छुट्टियों के दौरान करवाते हैं। साल के अन्य दिनों में बस में तकनीकी या छोटी-मोटी खराबी आने पर ही सुधरवाने लाते हैं।


अब जाकर बनवाए इमरजेंसी गेट


सभी स्कूल-कॉलेजों की बसों में इमरजेंसी गेट लगाना अनिवार्य है लेकिन अब भी कई वाहनों में इस तरह के गेट नहीं लगे हैं। ये बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं। रविवार को भमोरी के एक कारखाने में एक स्कूल की बस में इमरजेंसी गेट बनवाया जा रहा था। इसी तरह भमोरी में ही एक अन्य स्कूल बस की खिड़की पर सुरक्षा के लिए पाइप लगाए जा रहे थे।


बढ़ गई संख्या


अधिकांश स्कूलों की बसों का मेंटनेंस गर्मियों की छुट्टियों में होता है लेकिन पिछले दो दिन में मेंटनेस और सुधार के लिए बसों की संख्या बढ़ गई है। -हुकुमचंद शर्मा, भमोरी में बस बॉडी रिपेयर करने वाले


पिछले दो दिन में 50 से 60 स्कूल-कॉलेजों की बसें सुधार के लिए आ चुकी हैं। कई स्कूलों ने अपने वाहनों का सुधार कैम्पस में आकर करने को कहा है। शैक्षणिक संस्थानों की बसों में इमरजेंसी गेट, बम्पर व सुरक्षा संबंधी चीजों को लेकर सुधार किया जा रहा है। -संजय राठौर, भमोरी में बस रिपेयरिंग करने वाले


आईआईटी ने दो दिन में जांची अपनी बसें


आईआईटी के पास कुल 12 छोटी व बड़ी बसें हैं। इनका इस्तेमाल छात्रों को कैम्पस से हॉस्टल और शहर में आने के लिए किया जाता है। शनिवार-रविवार को अक्सर आईआईटी के छात्र शहर में इन बसों से आते हैं। इस शनिवार-रविवार को आईआईटी प्रबंधन ने अपनी बसों की जांच की। आईआईटी के चीफ सिक्युरिटी ऑफिसर रमाकांत कौशिक के मुताबिक आईआईटी प्रबंधन नियमित रूप से बसों का मेंटनेंस व सुधार करवाता है। हमारी सारी बसें अप टू डेट है। बस दुर्घटना को देखते हुए हमने अपनी बसों की सुरक्षा पक्की करने के लिए दो दिन नहीं सुरक्षा जांच की।