भोपाल । सबने एक साथ ट्रेनिंग की और एक साथ नौकरी भी शुरू की लिहाजा रिश्ता नजदीकी था। एक साथी के परिवार पर जब संकट आया तो यही रिश्ता काम भी आया। साथी की मौत के बाद परिवार की मदद के लिए सब एक जुट हो गए। बात हो रही है मप्र पुलिस सब इंस्पेक्टर 2007 के बैच की।


शाहपुर-डिंडोरी जिले के करंजिया थाने मे पदस्थ थाना प्रभारी मुकेश पंद्रे की नए साल के पहले दिन सड़क दुघर्टना में मौत हो गई थी। उनकी मौत की जानकारी के बाद उनके 2007 के सीधी भर्ती के 315 सब इंस्पेक्टर इतने दुखी हुए की सभी थानेदार के परिवार की मदद के लिए एकजुट हो गए । इनमें भोपाल के चार टीआई भी शामिल हैं।


1 जनवरी की शाम को करजिया थाना प्रभारी मुकेश पंद्रे अपने परिवार को गृह नगर मंडला जिले के मवई में छोड़कर वापस लौट रहे थे। मवई थाने के भुरकी ग्राम के समीप एक पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी इस हादसे में मुकेश पंद्रे की मौके पर ही मौत हो गई। 2007 सब इंस्पेक्टर बैच के साथियों को यह दुखद सूचना मिली तो सभी साथियों ने पीड़ित परिवार की सहायता के लिये अपने व्हॉट्सएप ग्रुप के जरिए आर्थिक मदद जुटानी शुरू की और देखते ही देखते साथियों ने हादसे में मारे गए मुकेश पंद्रे की पत्नी के बैंक अकाउंट में राशि जमा करानी शुरू कर दी।


अभी तक साढ़े पांच लाख की मदद पहुंची


शहर के चार टीआई कोतवाली थानाप्रभारी आशीष धुर्वे, गांधी नगर टीआई कुलदीप खत्री, ईंटखेड़ी टीआई नीरज वर्मा और नजीराबाद टीआई मदनलाल इवने सहित 2007 बैच के 139 थाना प्रभारियों ने मिलकर रविवार तक लगभग 5.50 लाख रूपये की राशि एकत्र कर ली।


160 पुलिस अधिकारियों ने दिया सहयोग


आर्थिक मदद के तौर पर पीड़ित परिवार को देकर एक मिसाल कायम की है। मृतक टीआई मुकेश पंद्रे अपने पीछे पत्नी सात वर्षीय पुत्र छोड़ गए हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार के दुखों का अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसलिए हम सभी साथियों ने मिलकर यह निर्णय लिया की हम क्यों ना दुख की इस घड़ी मे अपना योगदान देकर उन्हें मदद करें - आशीष धुर्वे, थानाप्रभारी कोतवाली भोपाल