Health : इस भागदौड़ भरी जिंदगी में चैन की नींद सो पाना हर किसी के नसीब में नहीं। लोग आजकल इतने व्यस्त है कि उन्हें सोने तक की फुरसत नहीं है, जिसके कारण लोगों की नींद अधूरी रह जाती है। कुछ लोगों तो अपने काम में इतने बिजी होतो है कि वो छोटी-छोटी झपकियों में ही अपनी नींद पूरी करते हैं। हर उम्र के लोगों को कम से कम 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। नींद पूरी न होने पर आप डिप्रेशन, अल्जाइमर, टाइप2 डायबिटीज, अनिद्रा और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। एक रिसर्च के अनुसार नींद पूरी न होने पर लोग शारीरिक ही नहीं बल्कि कई मानसिक रोगों का शिकार हो सकते है।

जर्नल बिहेवियर थेरेपी और मनोचिकित्सा के अनुसार नींद के पूरी न होने पर दिमाग में नैगिटिव विचार आते है, जोकि डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों की कारण बनते है। कुछ लोग बार-बार नींद खुलने के कारण अपनी नींद नहीं पूरी कर पाते। इसके अलावा कुछ लोगों की रात को देर से सोने और सुबह समय से पहले जागने के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती, जिसके कारण वो थका और टूटा हुआ महसूस करते हैं। पर इसका बुरा असर व्यक्ति के दिमाग और शरीर पर दिखाई पड़ता है।


डाक्टरों का यह भी कहना है कि अनिद्रा के परिणामस्वरूप लोग हाईपरटैंशन, डायबिटीज, डिप्रैशन, मोटापे और नपुंसकता आदि अनेक गंभीर रोगों का शिकार हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने चाहिए, जिससे आप इन समस्याओं से बच सकते हैं। इसके अलावा कोशिश करें आप पूरे दिन में कम से कम 7 घंटे चैन की नींद लें। कई बार आप गेप लेकर अपनी नींद को पूरा करते हैं। इससे भी आप इन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।