आम आदमी पार्टी की ओर से संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता राज्यसभा जाएंगे. जैसे ही इन तीनों के नाम पर मनीष सिसोदिया ने मुहर लगाई, वैसे ही पार्टी के अंदर घमासान शुरू हो गया. कुमार विश्वास अपने बागी तेवर के साथ सामने आए.


इसके बाद कुमार विश्वास ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीधे हमला बोला. इस दौरान उन्होंने चुटकी लेते हुए राज्यसभा के लिए नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता को चुनने के केजरीवाल के कदम को 'क्रांतिकारी फैसला' बताया.


कुमार विश्वास और केजरीवाल के बीच आने वाले दिनों में जुबानी जंग तेज होने की आशंका है. माना जा रहा है कि कुमार विश्वास ने अब केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. केजरीवाल पर हमला करते हुए कुमार विश्वास ये बातें कही.....


1. कुमार विश्वास ने कहा कि केजरीवाल के इस फैसले से नैतिक रूप से एक कवि, मित्र और आंदोलनकारी की जीत हुई है.


2. पिछले डेढ़ साल से सर्जिकल स्ट्राइक, टिकट वितरण में गड़बड़ी, जेएनयू समेत अन्य मुद्दों पर सच बोलने के लिए मुझे दंडित किया गया है. मैं इस दंड को स्वीकार करता हूं.


3. यहां सब अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. आप अपनी लड़ रहे हैं...मैं अपनी लड़ रहा हूं. 'सबको लड़ने ही पड़े अपने-अपने युद्ध, चाहे राजा राम हों, चाहे गौतम बुद्ध'.


4. मैं बहुत शुभकामाएं देता हूं, जिनको रामलीला मैदान के लिए चुना है. मैं अरविंद और पूरी पार्टी, जिन लोगों ने इन नामों को तय किया है, को बधाई देता हूं. देश के सर्वोच्च सदन में इनको नवनीत बनाकर भेजा है, जहां अटल और इंदिरा की आवाज गूंजी है.


5. हमने पिछले 40 साल से मनीष सिसोदिया के साथ काम किया. 12 वर्ष से अरविंद के साथ काम कर रहे. जिन्होंने सात साल से कार्यकर्ताओं के लिए और पांच साल से पार्टी के लिए ट्वीट किया और बहस कर इसको खड़ा किया, मैं ऐसे महान क्रांतिकारी सुशील गुप्ता और नारायण दास गुप्ता को राज्यसभा जाने के लिए बधाई देता हूं.


6. युद्ध का एक नियम होता है. शहीदों के शव से छेड़छाड़ नहीं की जाती है. अरविंद केजरीवाल की इच्छा के बगैर आम आदमी पार्टी में कुछ नहीं होता है. आपसे असहमत रहकर दल में जीवित रहना काफी मुश्किल है.


7. केजरीवाल ने मुझे डेढ़ साल पहले हँसते हुए कहा था कि आपको मारेंगे, लेकिन शहीद होने नहीं देंगे. आज उन्होंने मुझे मार दिया, लेकिन अब उनसे अपील है कि मेरे शव के साथ छेड़छाड़ न करें.