मध्य प्रदेश में नए साल में भी रिश्वखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है. राज्य में नए साल के पहले दो दिन लोकायुक्त पुलिस ने पांच लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा है.


जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने सेल्स टैक्स विभाग में क्लर्क प्रदीप श्रीवास्तव को मंगलवार को दो हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. लोकायुक्त पुलिस ने सुरेश गुप्ता की शिकायत पर कार्रवाई की.


प्रदीप श्रीवास्तव ने फाइल रिलीज करने के एवज में तीन हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. बाद में दो हजार रुपए पर सौदा तय हुआ था. सुरेश गुप्ता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को कर दी, जिसने मंगलवार दोपहर को क्लर्क को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया.


लोकायुक्त ने दूसरी कार्रवाई नगर निगम के गढ़ा जोनल ऑफिस में करते हुए पदस्थ कर्मचारी अखिल राज अहिरवार को लोकायुक्त की टीम ने 2000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा. अहिरवार ने फरियादी दिलीप पटेल ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों के एवज में रिश्वत ले रहा था.



इसके पहले नए साल के पहले दिन सागर जिले के सुरखी थाने के तहत आने वाली बिलहारा पुलिस चौकी के हवलदार हाकिम सिंह और आरक्षक अखिलेश निवारे को छह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. दोनों ने मारपीट के मामले में धाराएं बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी.


वहीं, ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने दतिया के भांडेर में नायब तहसीलदार के रीडर महेश जाटव को दो हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा. रीडर जमीन के कागजात में हुई खसरा नंबरों की गलती सुधारने रिश्वत मांग रहा था.