इंदौर । मच्छी बाजार से सिलावटपुरा रोड चौड़ीकरण के लिए अब तक 107 परिवारों ने शिफ्टिंग के साथ नगर निगम के फ्लैट लेने की हामी भर दी है। मंगलवार को तीसरे दिन भी निगम का कैंप मच्छी बाजार में लगा। सोमवार तक 93 परिवार शिफ्टिंग के लिए तैयार थे। अगले दिन 14 और परिवारों ने वैकल्पिक फ्लैट लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इस बीच 75 से ज्यादा मकान मालिकों और दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण तोड़ना शुरू कर दिए हैं। कटर और हथौड़ों की आवाज क्षेत्र में दिनभर गूंजती रही।


सड़क चौड़ीकरण की जद में आए कुछ लोग घरों-दुकानों का सामान शिफ्ट करने में लगे हैं तो कोई मजदूरों से बाधक हिस्से तुड़वा रहा है। मंगलवार को तीन बड़े मकानों का अगला हिस्सा तोड़ने के लिए मालिकों ने पोकलेन मशीन मांगी, जिसे निगम ने उपलब्ध कराई। सिटी इंजीनियर महेश शर्मा ने बताया कुछ लोग एक-दो फीट कम निर्माण हटा रहे थे, उनकी दोबारा नपती करवाकर निशान लगाए गए। नाले किनारे बनी 65 झुग्गियों समेत 75 से ज्यादा निर्माण लोग खुद हटा रहे हैं।


दो-तीन दिन बाद होगी कार्रवाई


दो-तीन दिन बाद होने वाली कार्रवाई के लिए निगम की पोकलेन मशीनें और बुलडोजर मच्छी बाजार पहुंच गए हैं। निगम चाहता है कार्रवाई से पहले ज्यादा से ज्यादा लोग खुद अपने हिस्से हटा लें। इसमें निगम उन्हें सहयोग भी कर रहा है।


सिलावटपुरा से गंगवाल स्टैंड के बीच भी मार्किंग शुरू


निगम ने मंगलवार से सिलावटपुरा से बियाबानी चौराहा होते हुए गंगवाल बस स्टैंड के बीच बाधक निर्माणों और अतिक्रमण पर लाल निशान लगाना शुरू कर दिया है। रोड की सेंटर लाइन तय कर मंगलवार शाम तक निगम की टीम सिलावटपुरा से बियाबानी चौराहा तक सड़क के दोनों तरफ बाधाओं पर निशान लगा चुकी थी। बुधवार को यही काम बियाबानी से गंगवाल स्टैंड के बीच होगा।


निगम अफसरों का कहना है दो दिन में उक्त हिस्से में भी लाल निशान लगा दिए जाएंगे, ताकि लोग स्वेच्छा से बाधाएं हटाना शुरू कर दें। मच्छी बाजार से सिलावटपुरा तक की बाधाएं हटने के बाद निगम इन्हीं दोनों हिस्सों में ऐसी कार्रवाई करेगा। अनुमान है कि सिलावटपुरा से गंगवाल बस स्टैंड के बीच छोटी-बड़ी 400 बाधाएं व अतिक्रमण हटाना पड़ेंगे।