इंदौर। सड़क किनारे फुटपाथ पर हुए अतिक्रमण को हटाने गए नगर निगम अमले का रविवार दोपहर क्षेत्रीय पार्षद से विवाद हो गया। इस दौरान पार्षद समर्थक और निगम रिमूवल टीम के बीच हुज्जत, धक्कामुक्की के साथ विवाद हुआ। पार्षद का कहना था कि जिसका अतिक्रमण हटाया जा रहा है, उसके पास कागज हैं। निगम बिना विस्थापन ऐसे-कैसे कार्रवाई कर सकता है। उपायुक्त ने कागज मांगे तो वे नाराज हो गए और उपायुक्त को कह दिया कि नहीं हैं कागज। जो कर सकते हो करो। बाद में विधायक महेंद्र हार्डिया मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला रफा-दफा किया।


झगड़े-विवाद के कारण दो घंटे तक रोड पर तमाशा होता रहा। कार्रवाई के दौरान निगम अमले ने पूरा रेस्तरां तो नहीं हटाया लेकिन फुटपाथ और पास स्थित कुएं पर हुआ अतिक्रमण हटाकर आगे बढ़ गया। मामला पलासिया-पत्रकार कॉलोनी चौराहा रोड का है। रिमूवल अमला उपायुक्त लोकेंद्रसिंह सोलंकी के नेतृत्व में सुबह शेख हातिम तिराहे के पास पहुंचा था। शुरुआत में बड़वानी प्लाजा के पास तीन गुमटियां हटाई गईं लेकिन जैसे ही रिद्धि-सिद्धि रेस्तरां का अतिक्रमण हटाया जाने लगा तो पार्षद उसे रुकवाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुकान के कागज हैं।


निगम बगैर विस्थापन के इस तरह कार्रवाई नहीं कर सकता। इधर, उपायुक्त उनसे बोले कि यदि कागज हैं तो दिखाओ। इसी को लेकर बात बिगड़ गई। पार्षद समर्थक निगम अमले के साथ मौके पर घटनाक्रम शूट कर रहे मीडियाकर्मियों की ओर बढ़े और किसी व्यक्ति ने एक कैमरे को पकड़ लिया। इस पर निगम अमले और पुलिस ने उसे पकड़ा और थाने भेज दिया। थोड़ी देर में विधायक मौके पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाया। बाद में निगम अफसर फुटपाथ से अतिक्रमण हटवाकर आगे बढ़ गए।


निगम सूत्रों ने बताया कि दो घंटे तक बड़वानी प्लाजा के सामने विवाद का परिणाम यह रहा कि उससे आगे पत्रकार कॉलोनी की तरफ ज्यादातर दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटा लिए। पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास जरूर एक मकान को निगम के बुलडोजर ने हटाया। फुटपाथ पर ग्रेटर कैलाश रोड से हटाए गए दुकानदारों और अन्य ने कब्जा कर लिया था। अफसरों ने बताया कि रोड से 40 से ज्यादा गुमटियां हटाई गईं।


उपायुक्त से नहीं हुआ विवाद


रविवार को मेरे क्षेत्र में रिमूवल कार्रवाई थी। मैं वहां से निकला तो रेस्तरां में हो रही तोड़फोड़ देखकर रुक गया। मैंने अफसरों को कहा कि पेपर हैं और बगैर विस्थापन दुकान कैसे हटा रहे हो तो कुछ निगमकर्मी लठ लेकर मुझे मारने आए। इसीलिए स्थिति बिगड़ गई। बाद में विधायक के कहने पर मैं वहां से चला गया लेकिन निगम ने फुटपाथ से ज्यादा हिस्सा तोड़ा। उपायुक्त के साथ मेरा किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। -पार्षद जितेंद्र चौधरी, वार्ड 48


नहीं बता पाए अनुमति


निगम अमला पलासिया के पास फुटपाथ से अतिक्रमण हटा रहा था। बड़वानी प्लाजा के परिसर और फुटपाथ व कुएं की जगह रेस्तरां बना है। संचालक ने वहां शेड लगाकर अतिक्रमण कर लिया था। कार्रवाई के दौरान पार्षद पहुंचे थे और कागज होने की बात कहने लगे। मैंने कागज मांगे तो रेस्तरां संचालक कागज नहीं बता पाए। निगम उसकी जांच करेगा। कार्रवाई से पहले निगम रोड पर तीन दिन से अनाउंसमेंट करा रहा था कि लोग खुद अतिक्रमण हटा लें। कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि रोड पर नाला टेपिंग का काम हो रहा है और अत्यधिक ट्रैफिक व कब्जे के कारण वहां लोगों को गुजरने की जगह नहीं मिलती। -लोकेंद्रसिंह सोलंकी, उपायुक्त