इंदौर । नए साल में शहर को स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात मिलेगी। पीसी सेठी अस्पताल नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगा। पश्चिम क्षेत्र में मार्च तक 30 बिस्तरों का सिविल अस्पताल शुरू होगा। एमवायएच में अप्रैल तक बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू होगी। एमवायएच सहित चार अस्पतालों में 1 जनवरी से बेहतर सफाई व सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

 

पीसी सेठी सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग बनकर तैयार है। 120 बिस्तरों का पांच मंजिला अस्पताल मार्च में शुरू होगा। प्रदेश की पहली हाई डिपेंडेंसी यूनिट 10 बिस्तरों की होगी। इसमें नवजात बच्चों के साथ मां को रहने की अनुमति रहेगी। राष्ट्रीय स्तर की नई योजना को मध्यप्रदेश के 10 सिविल अस्पतालों में शुरू किया जाना है। पीसी सेठी प्रदेश का पहला अस्पताल होगा जहां यह सुविधा सबसे पहले मिलेगी।

 

प्रभारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नए भवन में 20 बेड का एसएनसीयू, 10 बेड की स्टेप डाउन यूनिट, 10 बेड का एनआईसीयू, 10 बेड की एचडी यूनिट व 70 के बेड के डिलीवरी व अन्य वार्ड बनाए गए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं सेवा विभाग की और से इसे बनाया जा रहा है। बिल्डिंग का सिविल वर्क 10 करोड़ रुपए में पूरा किया गया है। वहीं 3 करोड़ की मशीनें लगाई जाएंगी। 15 जनवरी तक यह स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित होगा। मार्च तक मशीन व स्टाफ की व्यवस्था पूरी हो जाएगी।

 

30 बिस्तरों का सिविल अस्पताल

 

बाणगंगा में 30 बिस्तरों का सिविल अस्पताल बनकर तैयार है। जनवरी में पीडब्ल्यूडी इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगा। इसके बाद वहां मशीन व स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में चार वार्ड, चार डॉक्टर्स रूम, एक मेडिसिन काउंटर, एक्स रे व सोनोग्राफी रूम, स्टोर रूम, पैथालॉजी लैब, लेबर व इंजेक्शन रूम, ऑपरेशन थिएटर व ओपीडी काउंटर की सुविधा रहेगी। सीएमएचओ डॉ. एचएन नायक ने बताया इस साल इसे शुरू किया जाएगा।

 

बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट तैयार

 

एमवाय अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट तैयार है। अप्रैल में पहला ट्रांसप्लांट किया जाएगा। यूएस के डॉ. प्रकाश सतनानी इसे करेंगे। एमजीएम कॉलेज के डीन डॉ. शरद थोरा के अनुसार डॉ. सतनानी के मार्गदर्शन में ही इस यूनिट को तैयार किया गया है। दीनदयाल योजना और गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले मरीजों का इलाज इस यूनिट में निशुल्क होगा। अन्य मरीजों को मात्र 3 लाख रुपए तक में इलाज उपलब्ध होगा। प्राइवेट अस्पतालों में ट्रांसप्लांट पर 25 से 30 लाख रुपए का खर्च आता है।

 

एमवायएच में आज से बदलेगी सफाई व सुरक्षा व्यवस्था

 

1 जनवरी से एमवायएच सहित चार अस्पतालों में सफाई व सुरक्षा व्यवस्था बदलेगी। शासकीय उपक्रम की कंपनी एचएलएल ने काम शुरू किया है। कंपनी ने सुरक्षा, सफाई के साथ ही अन्य कामों के लिए 650 कर्मचारी नियुक्त किए हैं। 12 करोड़ रुपए के सालाना खर्च पर एमवायएच के साथ कंपनी नेहरू बाल चिकित्सालय, शासकीय कैंसर अस्पताल, शासकीय मानसिक चिकित्सालय, एमजीएम मेडिकल कॉलेज व कॉलेज के हॉस्टल की व्यवस्था संभालेगी। एचएलएल के मैनेजर संजय नाथ ने बताया कि कुल 650 कर्मचारियों में से 150 वार्ड बॉय लगाए जाएंगे। 24 घंटे में तीन बार सफाई की जाएगी। वार्ड तक मरीजों को पहुंचाने ट्रॉली व सैंपल कलेक्ट करने की जिम्मेदारी भी रहेगी। सभी अस्पतालों में शौचालयों में बेहतर सफाई व्यवस्था रहेगी।