इस भूमण्डल पर जब प्यार, शादी तथा रिश्तों को संभालने की बात आती है तब हर व्यक्ति को थोड़े से भाग्य की जरूरत होती है यह भाग्य है वास्तु। यह हमारे हर एक के आसपास छोटी-सी मात्रा में मौजूद ऊर्जा को बढ़ाने और हमारे अंदर की ऊर्जा तथा स्पंदन के साथ तालमेल बनाने का एक पवित्र विज्ञान है। जब इन दोनों ऊर्जांओं में तालमेल बन जाता है व्यक्ति का एक आकर्षक व्यक्तिमत्व विकसित हो जाता है और उसे आंतरिक शांति तथा स्थिरता प्राप्त होती है।



नातेसंबंधो के लिए वास्तु टिप्स इस सिध्दांत पर काम करता है और दंपतियों में दीर्घकालिन अनुबंध विकसित होकर अपना जीवन प्यार तथा मेलमिलाप के साथ बिताते हैं। इन वास्तु टिप्स को मुख्यतः सोने के कमरे के लिए लागू किया जाना चाहिए लेकिन निवास के कुछ क्षेत्र हैं जो रिश्तों के लिए ही बने हैं (जो दोषपूर्ण निर्माण की वजह से हो सकता है खो गए हो) जिन्हें वास्तु अनुरूप परिपूर्ण बनाया जा सकता है ।


बेहतर रिश्ते संबंधो के लिए सोने के कमरे में दंपति के तस्वीरों का उपयोग करें जैसे  उदाहरण के लिए राधा कृष्ण अथवा पति पत्नी, लव्ह बर्डस् आदि)। इन तस्वीरों को विशिष्ट संबंधित दिशा पर लटका कर रखना चाहिए। इन छायाचित्रों से शांति, प्रेम और दंपत्तियों में प्रेमसंबंधों की भावना पैदा होती है ।



नातेसंबंधो का स्थान घर के निर्माण से पूर्व चिन्हित किया जाना चाहिए। यह घर के प्रमुख तथा मालिक की जन्म तिथि पर निर्भर करता है। घर के रिश्तेसंबंधो के स्थान पर कपडे़ तथा बर्तन धोने से रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए एेसा करने से बचें। अगर आपको अपने नातेसंबंधों में सबधार लाना है और ,संबंधों का आनंद लेना है तो घर के वास्तु में सुधार करें।



घर में हल्के रंगो की पेंटिग का उपयोग करें जिससे आप शांत रहने के लिए तथा जीवनसाथी के साथ के आपके संबंधों में सुधार लाने में मदद कर सकता हैं। गहरे तथा भड़कीले रंगो से दूर रहें।