जबलपुर। राज्य शिक्षा केन्द्र सरकारी स्कूलों के पहली से पांचवीं कक्षा के शिक्षकों को एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की किताबों से पढ़ाई कराने 6 दिन की ट्रेनिंग दिला रहा है। वो भी तब जब स्कूलों में लगभग पूरा कोर्स पढ़ाया जा चुका है। प्राइमरी, मिडिल स्कूलों में तिमाही-छमाही परीक्षाएं जहां खत्म हो चुकी हैं। वहीं वार्षिक परीक्षाएं भी एक महीने बाद फरवरी में होनी हैं। यहां तक की 31 जनवरी तक प्रश्न पत्र छापने के आदेश भी हो चुके हैं।


खर्च होंगे डेढ़ लाख, जानकार बता रहे फिजूलखर्ची


परीक्षा के ऐन वक्त पर शिक्षकों को इस तरह ट्रेनिंग दिए जाने का शिक्षा विभाग से जुड़े जानकार ही फिजूलखर्ची बता रहे हैं, क्योंकि ट्रेनिंग में करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च किए जा रहे। ट्रेनिंग में शामिल 135 शिक्षकों को प्रतिदिन दिन के हिसाब से 200 रुपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें शिक्षकों को दिया जाने वाले मानदेय, लंच, टीए, डीए भी शामिल है।


एक शिक्षक वाले 135 स्कूल ले रहे ट्रेनिंग, 6 दिन ठप रहेगी पढ़ाई


- जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में (डाइट) में जिले के ऐसे 135 स्कूलों के शिक्षकों को एनसीईआरटी की ट्रेनिंग दिलाई जा रही है जहां कोई दूसरा शिक्षक नहीं है। एक शिक्षक वाले इन स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई होती है।


- शिक्षकों को 26 से 31 दिसम्बर तक 6 दिन हिन्दी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषय की ट्रेनिंग दी जाएगी। 135 में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे भी स्कूल हैं जहां छात्र संख्या इतनी कम है कि एक शिक्षक ही स्कूल चला रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों में 6 दिन तक बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।


इसलिए दे रहे ट्रेनिंग


- प्राइमरी और मिडिल स्कूल में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया गया है। शिक्षक को ट्रेनिंग में बताया जा रहा है कि बच्चों को इस तरह से पढ़ाया जाए कि वे कोर्स को रटने की बजाए सीखने और समझने का प्रयास करें।


- लिखने, पढ़ने के अलावा गतिविधियां करके कोर्स की बारीकियां समझाएं जिससे छात्र कोर्स को रटने की बजाए उसे गतिविधियों के माध्यम से समझ सकें।


सितम्बर, अक्टूबर में हुई ट्रेनिंग में नहीं थे शामिल


जिले के करीब 3 हजार शिक्षकों को एनसीईआरटी की ट्रेनिंग सितम्बर, अक्टूबर में दी जा चुकी है। उस दौरान एक शिक्षकीय स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर एक शिक्षकीय स्कूलों के 135 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है।


-एस झा, प्राचार्य, डाइट