ग्वालियर। फूलबाग से अपह्रत किशोरी तीन साल बाद खरीदारों के चंगुल से भागकर शिवपुरी अपने घर पहुंच गई। किशोरी के मां के पास पहुंचने के बाद पड़ाव थाना पुलिस हरकत में आई। नाबालिग को 16 हजार रुपए में खरीदकर पत्नी की हैसियत से रखने वाले युवक, उसकी मां व बहनोई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


इन तीन सालों में अपह्रत किशोरी ने एक बच्ची को भी जन्म दिया, जो कि अभी छह माह की है। पुलिस अब किशोरी का अपहरण कर बेचने वाले दंपति की तलाश कर रही है। नाबालिग के अपहरण का मामला पिछले तीन साल से पड़ाव थाने के जरायम में दर्ज तो था, लेकिन पुलिस ने किशोरी को तलाशने के लिए गंभीरता से कोई प्रयास नहीं किया।


ऐसे हुआ था अपहरण


एसपी डॉ. आशीष ने बताया कि तीन साल पहले फूलबाग से शिवपुरी निवासी 14 साल की एक किशोरी का अपहरण हुआ था। उन्होंने बताया कि 2014 में किशोरी के घर एक अपरिचित दंपति रामकली आदिवासी व उसका पति कृपाल आदिवासी निवासी मोतीझील आए थे।


इन लोगों ने बताया कि वे आदिवासी हैं और ग्वालियर में रहते हैं। दंपति ने अपह्रत किशोरी की मां को बताया कि हमको पता चला है कि आपका एक लड़का है। उसी का रिश्ता हम अपनी बेटी के साथ करने के लिए आए हैं। दंपति ने मां-बेटी को ग्वालियर चलकर लड़की देखने के लिए राजी कर लिया। दोनों अपरिचित दंपति के साथ बेटे के लिए लड़की देखने ट्रक में बैठकर ग्वालियर आ गईं।


दंपति ने बस स्टैंड पर मां-बेटी को लड़की भी दिखाई। उसके बाद दंपति मां-बेटी को फूलबाग घूमाने के लिए ले आए। इसके बाद रामकली ने शिवपुरी से अपनी मां के साथ आई किशोरी को अपनी बेटी के साथ खाना बनाने के लिए अपने घर भेज दिया। दोनों को टेंपो में बैठाने के बहाने रामकली भी गायब हो गई।


थोड़ी देर बाद महिला का पति कृपाल आदिवासी भी किशोरी की मां को फूलबाग में बैठा छोड़कर गायब हो गया। अपहरण की घटना के बाद पड़ाव थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ किशोरी के अपहरण का मामला दर्ज कर उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।


किशोरी गुरुवार को पहुंची घर


अपह्रत किशोरी तीन साल बाद 21 दिसंबर गुरुवार को अचानक शिवपुरी अपनी मां के पास पहुंच गई। किशोरी को देखकर मां हक्की-बक्की रह गई। इसके बाद मां ने किशोरी के वापस आने की सूचना पड़ाव थाना पुलिस को दी। पुलिस ने किशोरी से अपहरण की घटना के संबंध में पूछताछ की।


अपहरण कर 16 हजार में बेचा


किशोरी ने पुलिस को बताया कि फूलबाग से अपहरण करने के बाद रामकली आदिवासी व उसके पति कृपाल आदिवासी निवासी मोतीझील ने उसे 16 हजार में ऊदलनाथ सपेरा निवासी छोटी खां टिकसौली जिला मुरैना को बेच दिया। ऊदलनाथ ने किशोरी को खरीदने के बाद उसे अपने साले भुटीनानाथ निवासी जौरासी को पत्नी की हैसियत से रखवा दिया। भुटीना की मां रामकली आदिवासी किशोरी पर 24 घंटे नजर रखती थी।


भुटीना ने किशोरी के साथ गलत काम किया और इन तीन सालों के दौरान किशोरी ने एक बच्ची को भी जन्म दिया, जो कि अभी 6 माह की है। किशोरी ने बताया कि भुटीना तीन साल बाद उस पर भरोसा कर उसे 21 दिसंबर गुरुवार को मजदूरी कराने के लिए अपने साथ विक्की फैक्ट्री लेकर आया।


जहां से मौका मिलते ही किशोरी भागकर सीधे शिवपुरी अपनी मां के पास पहुंच गई। किशोरी के बयान दर्ज कर पड़ाव थाना पुलिस ने ऊदलनाथ, भुटीना व उसकी मां रामकली सपेरा को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन किशोरी का अपहरण कर उसने बेचने वाले दंपति कृपाल व रामकली आदिवासी की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी व दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है।


6 माह की बच्ची को किशोरी ने स्वीकारा


पड़ाव थाने के टीआई संतोष सिंह ने बताया कि तीन साल में जन्मी 6 माह ही बच्ची को किशोरी व उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। इन लोगों ने भी बच्ची को स्वीकार कर लिया है।