ग्वालियर। बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में 6 से 8 जनवरी को होने वाली डीजीपी कॉन्फ्रेंस में विशेष सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात होने वाले 100 जवानों को 5 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। जिससे वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने स्मार्ट दिखें। इन जवानों को यह राशि नीले रंग का ब्लेजर, ग्रे कलर का पेंट व लैदर के चमकते हुए ब्लैक शू खरीदने के लिए खर्च करनी पड़ेगी।

शहर के थानों से चिह्नित कर बुलाए गए जवानों की शनिवार को डीपीओ (जिला मुख्यालय) में एसपी डॉ. आशीष के सामने परेड कराई गई। एसपी ने इन जवानों को ब्रीफ करते हुए कहा कि ड्यूटी करते समय एक बात दिमाग में रखनी है कि आप लोग वहां प्रदेश पुलिस के प्रतिनिधि हैं।


बीएसएफ टेकनपुर अकादमी में 6 जनवरी से 3 दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, देश के 29 राज्यों व 7 केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी के अलावा करीब 60 पुलिस महानिदेशक भाग लेंगे।


100 जवानों को विशेष ड्यूटी के लिए चिह्नित किया


शहर के सभी थानों से स्मार्ट और चुस्त-दुरुस्त जवानों को चिह्नित कर शनिवार को डीपीओ बुलाया गया। इनमें 8 उप निरीक्षक भी शामिल हैं। पहले चरण में 60 जवान एसपी ऑफिस आए। एसपी के सामने परेड से पहले आरआई ने इनसे कुछ सवाल किए।


1- आप में से कोई शराब, गुटखा, पान, बीड़ी सिगरेट व अन्य प्रकार के नशे का आदी तो नहीं है। अगर कोई करता है, तो इसी समय बेहिचक बता दें। ताकि इसी समय उसे वापस थाने भेज दें।


2- किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप तो नहीं है।


3- किसी विभागीय जांच में बड़ी सजा तो नहीं मिली है। या फिर वर्तमान में कोई विभागीय जांच तो लंबित नहीं है।


ब्लेजर व ग्रे कलर का पेंट अनिवार्य


आरआई ने इन जवानों से पूछा कि ट्रेनिंग के समय का ब्लेजर किस-किस के पास अच्छी कंडीशन में है, नहीं है तो ब्लेजर, ग्रे कलर का पेंट, लैदर के ब्लैक शू खरीद लें। आरआई ने कहा कि क्योंकि आप लोगों को ड्यूटी वर्दी में नहीं, राजा बाबू बनकर करनी है। सर्दी के मौसम में गर्म इनर पहन सकते हैं, लेकिन सामने से वह नजर नहीं आनी चाहिए। एसआई से लेकर सिपाही को स्कार्फ लगाने का अधिकार है कि नहीं? इसका पता लगाया जा रहा है।


सिर्फ नजर रखना हैं, कुछ बोलना नहीं है


एसपी डॉ.आशीष ने इन जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के अलावा रक्षा सलाहकार, गृह सचिव व देशभर के डीजीपी रैंक के अधिकारी भाग लेंगे। इनके आसपास ड्यूटी करना है। केवल सतत नजर रखना है। कुछ बोलना नहीं है। कोई बुलाए, तभी उनके पास जाना है। उनके सवाल करने पर जवाब भी सटीक व कम शब्दों में देना है। इन जवानों को प्रथक से ट्रेनिंग दी जाएगी।