ग्वालियर। कमलाराजा अस्पताल में महिला को सीजर (ऑपरेशन) के लिए ऑपरेशन थियेटर के गेट तक लाया जा चुका था। इसी बीच जूनियर डॉक्टर और नर्स में विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि नर्स ओटी छोड़कर बाहर चली गई। अगले 10 मिनट में केआरएच की तमाम ओटी ठप हो चुकी थीं। नसेर् बाहर खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं। मामले की जानकारी लगने पर एचओडी आईं और मामला शांत कराया। खास बात यह है कि इस हंगामे के कारण जिन मरीजों के ऑपरेशन होने थे, उनको करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

कमलाराजा अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के ऑपरेशन थियेटर में गुरुवार को सुबह 4 ऑपरेशन होने थे। इसमें डिलेवरी, बच्चेदानी एवं छोटे बच्चों के ऑपरेशन शामिल थे। जूनियर डॉक्टर और नर्स अंदर पहुंचकर वॉश कर रहे थे और ट्रॉली तैयार हो रही थी। इसी बीच जूनियर डॉक्टर नीरज की नजर जूनियर नर्स ममता पर पड़ी तो उन्होंने कहा कि तुम्हें क्यों भेज दिया। तुम जाओ और किसी सीनियर नर्स को भेजो।


इस पर ममता ने कहा कि एचओडी डॉ. ज्योति बिंदल ने कहा है कि सीनियर नर्स के साथ तुम्हें भी मौजूद रहना है, जिससे काम सीख सकोगी। इस पर डॉ. नीरज ने कहा कि सीरियस मरीज है। क्या इसी पर प्रैक्टिकल करोगी। मुझे सीनियर नर्स ओटी में चाहिए, किसी जूनियर नर्स की रिस्क में इस सीरियस ऑपरेशन में नहीं ले सकता।


दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि जूनियर नर्स ममता ऑपरेशन थियेटर छोड़कर बाहर निकल गई और नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष को फोन पर विवाद की जानकारी दे दी। इसके बाद अगले 10 मिनट में केआरएच की सभी ओटी खाली हो चुकी थीं। केवल जूनियर डॉक्टर ही मौजूद थे। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर के गेट पर स्ट्रेचर पर लेटी मरीज लक्ष्मी सहित अन्य 4 को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।


अंग्रेजी में बोला शब्द स्टेटस..बवाल हो गया


डॉ. नीरज और जूनियर नर्स के बीच बहस चल रही थी, इसी बीच सीनियर नर्स ने कहा कि कई जूनियर डॉक्टर आते हैं और हम से सीखते भी हैं। नर्स का आरोप था कि डॉ. नीरज का कहना था कि हमें पता है नर्सों का स्टेटस। बस यही अंग्रेजी का शब्द हिन्दी में औकात बना और हंगामा खड़ा हो गया। इसका खामियाजा केआरएच के मरीजों को भुगतना पड़ा।


डॉक्टर बोले-नर्सें नहीं हैं, ऑपरेशन नहीं हो सकते


ऑपरेशन के लिए जाने से पहले मरीज का खाना पीना बंद कर दिया जाता है। ऐसे में मरीज की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑपरेशन थियेटर के बाहर लेटे मरीज बार-बार पूछ रहे थे कि डॉक्टर साहब कितनी देर में ऑपरेशन शुरू होगा, लेकिन डॉक्टरों का एक ही जवाब था कि नर्सें नहीं हैं। ऑपरेशन नहीं हो सकते। हम तो ऑपरेशन करने ही आए थे, अब नर्स ही चली गई तो हम क्या करें।


डीन-अधीक्षक को सूचना, काम बंद


कमलाराजा अस्पताल में हंगामा होने की सूचना होते ही नर्सेस एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्ष रेखा परमार पहुंच गईं। उनके मुताबिक जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन एवं जेएएच अधीक्षक को सूचना देने के बाद हमने काम बंद किया था। नर्सों के हंगामे और नारेबाजी की खबर मिलते ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की एचओडी डॉ. ज्योति बिंदल ने दोनों पक्षों को कैबिन में बुलाकर चर्चा की। नर्सों को आश्वासन दिया गया कि अब इस प्रकार की घटना नहीं होगी। इसके बाद करीब पौने दस बजे हंगामा शांत हुआ।


ऑपरेशन शुरू होने के पहले ही जूनियर डॉक्टर और नर्स के बीच बहस हो गई थी। इसके बाद उन्होंने काम बंद कर दिया। हमने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया और बाद में सभी मरीजों के ऑपरेशन हुए। कोई पैडेंसी नहीं है।


डॉ. ज्योति बिंदल, एचओडी स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग केआरएच