ग्वालियर। नगरीय आवास एवं विकास मंत्री माया सिंह की विधानसभा क्षेत्र का शासकीय प्राथमिक विद्यालय बेहाल है। यहां पर बच्चों की तदाद 72 है, लेकिन नगर निगम ने मेज-कुर्सी भेजी हैं महज 20 बच्चों के लिए। जबकि कागजों ने प्राथमिक विद्यालयों में पूरा फर्नीचर भेजना बताया गया है। इस कारण बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं।

एक ओर जहां प्रदेश शासन छात्रों को हाईटेक बनाने के लिए मोबाइल फोन बांट रहा है। दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालयों में छात्र जमीन पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। ग्वालियर नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले सभी प्राथमिक विद्यालयों में टेबिल-कुर्सी उपलब्ध कराने के लिए तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अनय द्विवेदी ने आदेश जारी कर 2 करोड़ 77 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। इनमें से 1.52 करोड़ रुपए फर्नीचर के लिए आरक्षित थे।


लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने अपने विभाग की मंत्री मायासिंह के विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों में फर्नीचर नहीं पहुंचाया है। इसके कारण ज्येन्द्रगंज मांडरे की माता प्राथमिक विद्यालय के छात्र जमीन पर टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। सोमवार को नईदुनिया की टीम विद्यालय पहुंची, तो वहां पर छात्र विद्यालय के बाहर टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे थे, वहीं उनके पास आवारा कुत्ते भी घूम रहे थे।


नगर निगम का दावों की खुली पोल


नगर निगम के अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने सभी प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की क्षमता के हिसाब से फर्नीचर पहुंचाया है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिलकुल उलट है, आज भी कई प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।


विद्यालयों में नहीं लगे मीटर


नगर निगम ने विद्यालयों में छात्रों की सुविधा को देखते हुए पंखे लगवा दिए, लेकिन अभी तक वहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं कराया है।


-नगरीय क्षेत्र के 60 वार्डो में 190 प्राथमिक विद्यालय।


-प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में छात्र संख्या- 35000


-प्राइमरी स्कूलों में छात्र संख्या 20000


विद्यालयों में फर्नीचर नहीं पहुंचना बहुत गलत बात है। नगर निगम ने कहां-कहां पर फर्नीचर पहुंचाया है, उसकी लिस्ट मंगवाकर विद्यालयों का निरीक्षण करा लेती हूं। अगर कोई गड़बड़ी मिली तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मायासिंह, नगरीय आवास एवं विकास मंत्री, मप्र शासन।