फिल्म का नाम: फुकरे रिटर्न्स

 

डायरेक्टर: मृगदीप सिंह लांबा

 

स्टार कास्ट: पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा, अली फजल, मंजू सिंह, रिचा चड्ढा, पंकज त्रिपाठी, विशाखा सिंह, प्रिया आनंद, राजीव गुप्ता

 

अवधि: 2 घंटा 20 मिनट

 

सर्टिफिकेट: U /A

रेटिंग: 2.5 स्टार

 

साल 2013 में आई फिल्म 'फुकरे' ने लोगों के दिल में खास पहचान बनाई थी. फिल्म की कॉमेडी बहुत अच्छी थी और नए किरदारों ने बहुत अच्छा अभिनय किया था. फिल्म के मेकर्स ने दर्शकों को हंसाने के लिए एक इसका दूसरा पार्ट बनाया है. 'फुकरे रिटर्न्स' 8 दिसंबर को रिलीज हुई है. जानते हैं कैसी बनी है यह फिल्म.

 

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कहानी:

 

यह कहानी वहीं से शुरु होती है जहां फुकरे खत्म हुई थी. भोली पंजाबन (रिचा चड्ढा) को जेल होने के 1 साल बाद चुचा (वरुण शर्मा) फिर से सपने देखने लगता है. उन सपनों के साथ गुणा भाग करके उसका दोस्त हनी (पुलकित सम्राट) अलग-अलग कहानियां और लॉटरी के नंबर निकालता है. इस पूरी कहानी में हनी और चुचा के साथ लाली (मनजोत सिंह) और जफर (अली फजल) भी होते हैं.

 

इसी बीच मिनिस्टर से बातचीत करके भोली पंजाबन जेल से छूटकर बाहर आती है और चारों दोस्तों हनी, चूचा, लाली और जफर को पकड़ लेती है. साथ ही पंडित जी (पंकज त्रिपाठी) को भी अगवा कर लेती है. कहानी में कई मोड़ आते हैं. खजाने के बारे में भी बातचीत होती है और बहुत सारे उतार चढ़ाव भी आते हैं. इस पूरे वाकये में मंत्री जी, भोली पंजाबन और इन चारो दोस्तों का अंततः क्या होता है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

 

क्यों देखें फिल्म:

 

फिल्म की शुरुआत काफी दिलचस्प है. शुरुआत के क्रेडिट रोल में ही पता चल जाता है कि फुकरे में क्या हुआ था.

 

कहानी सुनाने का ढंग अच्छा है और फिल्म के जितने भी किरदार हैं उनमें से वरुण शर्मा, पंकज त्रिपाठी और रिचा चड्ढा का किरदार काफी खिलकर बाहर आया है. सबसे ज्यादा हंसी पंकज त्रिपाठी की मौजूदगी में आती है. चुचा का किरदार भी बहुत फनी है.

 

फिल्म के संवाद काफी दिलचस्प हैं.

 

पुलकित सम्राट, अली फजल, मनजोत सिंह के साथ विशाखा सिंह, प्रिया आनंद और बाकी सभी कलाकारों ने सहज अभिनय किया है. मंत्री के रूप में अभिनेता राजीव गुप्ता ने भी बढ़िया काम किया है.

 

कमज़ोर कड़ियां:

 

फिल्म की कहानी का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है. हालांकि घोटाले के बारे में जिक्र करने की कोशिश की है, लेकिन उसके आते-आते मुद्दे की तरफ से सबका ध्यान भटक जाता है.

 

फिल्म का पहला हिस्सा धीरे-धीरे चलता है. सेकंड हाफ में थोड़ा सा पिकअप लेती है. क्लाइमेक्स काफी घिसा-पिटा सा है, जिसे दुरुस्त किया जा सकता था.

 

इस बार फिल्म के गाने भी कुछ ज्यादा कमाल नहीं कर पाए हैं.

 

फिल्म में लव स्टोरी भी काफी फीकी-फीकी सी है और लाली के साथ-साथ जफर के किरदार को भी पूरी तरीके से कैश नहीं किया जा सका है.

 

बॉक्स ऑफिस :

 

फिल्म का बजट लगभग 30 करोड़ (प्रोडक्शन कॉस्ट 22 करोड़+प्रोमोशनल कॉस्ट 8 करोड़) है और इसे 1200 से ज्यादा स्क्रीन्स में रिलीज किया जाना है. पिछले कई हफ्तों से बॉक्स ऑफिस पर अच्छी फिल्मों का अकाल पड़ा हुआ है और जैसा कि फुकरे को और उसके किरदारों को कई सारे लोग भली-भांति जानते हैं, जिसकी वजह से शायद सिनेमा हॉल में दर्शकों की हलचल हो और वीकेंड का कलेक्शन देखना काफी खास होगा.