गुजरात का चुनावी रण अब अपने आखिरी दौर में चल रहा है. आज पहले चरण के लिए चुनाव प्रसार थम जाएगा. राजनीतिक दल अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं. कांग्रेस ने इस बार आक्रामक रुख में प्रचार किया है, राहुल गांधी पूरे एक्शन में दिख रहे हैं. तो वहीं राज्य में 22 साल से सत्ता में विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सामने एंटी इनकंबेंसी को दूर करने की चुनौती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का गृह राज्य होने के कारण बीजेपी दबाव में भी है. अभी तक हर पार्टी ने अपनी जीत के दावे किए हैं, अभी तक गुजरात को लेकर कई ओपिनियन पोल भी सामने आए हैं. जिसमें कई तरह की तस्वीर सामने आई है.  

 

क्या कहते हैं अलग-अलग ओपिनियन पोल...

 

अभी हाल ही में आए कुछ ओपिनियन पोल में बीजेपी को बढ़त दिख रही है. लेकिन बीजेपी के लिए खतरे की बात यह है कि कांग्रेस की सीटों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. और बीजेपी का जीत का आंकड़ा कम हो रहा है. सर्वे दिखा रहे हैं कि बीजेपी अपना गढ़ बचाने में कामयाब तो होगी, लेकिन उसे कई सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है. चूंकि हर सर्वे में लगातार बीजेपी की सीटें घट रही हैं और कांग्रेस की बढ़ रही हैं.  

 

बीजेपी के लिए हार्दिक पटेल का फैक्टर भी भारी पड़ सकता है क्योंकि हार्दिक की हर रैली में लगातार भीड़ उमड़ रही है. देखना होगा कि क्या ये सर्वे सच्चाई में परिवर्तित हो पाएंगे.

अगर इन तीन सर्वे का एवरेज निकालें तो गुजरात में बीजेपी को 105-106, कांग्रेस को 73-74 और अन्य को 4-5 सीटें मिल सकती हैं. यानी बीजेपी को थोड़ा नुकसान तो होगा लेकिन सरकार उसकी ही बनेगी.

 

गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर में एबीपी न्यूज़-लोकनीति-सीएसडीएस के सर्वे के अनुसार बीजेपी सत्ता में वापसी कर रही थी और उसे करीब 113 से 121 सीटें मिल सकती थी. वहीं, सर्वे में कांग्रेस को 58 से 64 सीटें मिल रही थीं और अन्य को 1 से 7 सीटें मिल रही थीं.

आपको बता दें कि इससे पहले 24 अक्टूबर को किए गए इंडिया टुडे - माई एक्सिस के सर्वे में भी भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाते हुए दिख रही थी. आजतक के सर्वे में बीजेपी को 115-125 सीटें मिल रही थीं, वहीं कांग्रेस अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी के समर्थन के साथ 57-65 सीटों पर सिमट रही थी.

गौरतलब है कि गुजरात में पहले चरण के लिए 19 जिलों की 89 सीटों पर 9 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके लिए आज ही चुनाव प्रचार थम जाएगा. वहीं दूसरे चरण के लिए 14 दिसंबर को वोटिंग होगी जिसमें 14 जिलों की 93 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के नतीजों के साथ ही आएंगे.