इंदौर। किसी भी सीरियल के सफल होने के लिए उसका वास्तविकता से जुड़ा होना बहुत जरूरी है। मैं जब भी कोई शो में काम करने का निर्णय लेती हूं तो सबसे पहले यही देखती हूं कि उसका रियल लाइफ से कनेक्शन है या नहीं। यह कहना है अभिनेत्री नेहा लक्ष्मी अय्यर का। वे स्टार प्लस के सीरियल 'इश्कबाज' के प्रमोशन के लिए मंगलवार को शहर में थीं।

 

नेहा लक्ष्मी का कहना है, जब तक रोल चैलेंजिंग न हो, तब तक आप अपने काम को जस्टिफाई नहीं कर पाते। अब तक के हर रोल में कुछ न कुछ चैलेंज तो रहा ही है, लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा चैलेंजिंग 'ना आना इस देस लाड़ो में' गुंजन की भूमिका और क्राइम पेट्रोल के एक एपिसोड में एक मेंटली रिटार्डेड लड़की की भूमिका निभाना था।

 

मेरी रियल लाइफ से मिलता है रोल

नेहा लक्ष्मी ने कहा वे साफ-सुथरी फिल्मों में ही काम करेंगी। ऐसी फिल्में जो मंै अपने पैरेंट्स के साथ नहीं देख सकती, मैं उनमें काम करने का सोच भी नहीं सकती । मौका मिले तो वुमन सेंट्रिक फिल्मों में काम करूंगी, लेकिन इनमें किसिंग सीन न हो।

 

सक्सेस को हावी न होने दें

 

ऐसे कलाकार, जिन्हें कम उम्र में सफलता मिल जाती है, उनमें अक्सर एटिट्यूड आ जाता है, जबकि मंै मानती हूं अगर आपको सफलता मिली है तो उन लोगों की वजह से मिली है, जिन्होंने आपके काम को पसंद किया है, इसलिए हमेशा जमीन से जुड़े रहें।

 

छह साल की उम्र में शुरू की एक्टिंग

 

महज छह साल की उम्र में जीटीवी के सीरियल 'बनेगी अपनी बात' से एक्टिंग की फील्ड में कदम रखने वाली नेहा लक्ष्मी अब तक 'ना आना इस देस लाड़ो' में गुंजन की, जी टीवी के 'कबूल है' में नजमा और कलर्स के 'ससुराल सिमर का' में सुरभि की लोकप्रिय भूमिकाएं निभा चुकी हैं। इसके अलावा भी नेहा लक्ष्मी कई सीरियल्स और डीआई रियलिटी शो में भी काम कर चुकी हैं।