वक्त की नजाकत को देखते हुए फिरंगी कपिल के लिए एक बेहद अहम फिल्म है। इसमें उन्होंने जोखिम उठाते हुए अपनी विशेषज्ञता यानी कॉमेडी से इतर एक्टिंग के कुछ दूसरे दांव आजमाए हैं। हालांकि एक्टिंग के मामले में अभी भी वह पूरी तरह सहज नहीं हो पाए हैं। फिल्म काफी लंबी है और किरदारों में रोचकता का अभाव है।

साल 2013 में कपिल शर्मा हमारे-आपके सामने आए थे, अपना खुद का टीवी शो लेकर। उन्होंने खूब तालियां बटोरीं, खूब पैसा कमाया। अपने शो में फिल्मी मेहमानों को बुलाया, अपने संपर्क बनाए, हीरोइनों से फ्लर्ट किया और फिर खबर आई कि वह एक फिल्म में नजर आएंगे। ‘किस-किस को प्यार करूं’ नाम की यह फिल्म रिलीज हुई, जिसने कमाई तो ठीक-ठाक कर ली, पर यह न तो समीक्षकों को रास आई, न ही इसमें कुछ ऐसा था कि इसे याद रखा जा सकता। नतीजतन, इसे जल्द ही भुला दिया गया। इस बीच कपिल शर्मा की किस्मत पलटी। उनके एक सहकर्मी से मनमुटाव की खबरें उड़ीं और फिर धीरे-धीरे उनके शो के दूसरे सह-कलाकारों ने अलविदा कहना शुरू कर दिया। शो की टीआरपी भी घटने लगी। अंतत: उनका शो बंद ही कर दिया गया। और अब कपिल आए हैं अपनी फिल्म फिरंगी लेकर। जाहिर है, फिल्म पर उनकी इमेज को सुधारने का भारी जिम्मा है। इसके जरिये कपिल ने इस इमेज को तोड़ने की भी कोशिश की है कि वह सिर्फ कॉमेडी ही कर सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि वह इसमें कितने सफल हुए हैं? तो आइए, जानते हैं।

फिरंगी देखते हुए आपको आमिर खान की फिल्म लगान की याद आ सकती है। क्योंकि उसकी कहानी भी आजादी से पहले की थी और उसमें भी अंग्रेजों के खिलाफ क्रिकेट जैसे एक रोचक तरीके के जरिये एक जंग लड़ी गई थी। इस कहानी में भी एक जंग लड़ी जाती है, पर ‘धोखे के बदले धोखा’ वाले सिद्धांत पर। इस जंग के हीरो हैं कपिल शर्मा और उनका साथ देते हैं एक गांव के कई रोचक किरदार- एक वैद्य जी, एक पहलवान, एक लोहार, एक राजकुमारी और दुल्हन के जोड़े में सजा कपिल का जिगरी दोस्त। सवाल यह उठता है कि यह नौबत आती क्यों है? वह इसलिए क्योंकि अंग्रेजों ने धोखे से इन गांववालों के अंगूठे के निशान लेकर उनकी जमीन हड़प ली थी। तो यह सारी कवायद होती है जमीन के कागजात वापस लेने के लिए।

फिल्म में एक दुष्ट राजा इंदरवीर सिंह (कुमुद मिश्रा) है और एक अंग्रेज मार्क डैनियल (एडवर्ड सॉनेनब्लिक) है। ये दोनों फिल्म के मुख्य विलेन हैं और मंगतराम (कपिल शर्मा) मार्क के घर पर अर्दली की नौकरी करते हैं। मंगतराम की प्रेमिका हैं सरगी (इशिता दत्त) जिन्हें आप फिल्म दृश्यम में अजय देवगन की बेटी के रूप में देख चुके हैं।  कपिल को कॉमेडी से इतर कुछ और करते देखना अच्छा लगता है। 1920 की प्रेम कहानी में कपिल शरमाते हुए कहीं-कहीं क्यूट भी लगते हैं। पर उन्हें रोमांस के भाव चेहरे पर लाने के लिए काफी मेहनत भी करनी पड़ती है। गनीमत यह रही कि उनके हिस्से में जो कॉमेडी के संवाद आए हैं, वह इस बार उतने भड़कीले नहीं लगे, हालांकि कुछ दृश्यों में वह अपना कॉमेडी शो होस्ट वाला लहजा ले ही आए हैं। पता नहीं, अंजाने में या जानबूझकर। उन्हें यह समझना होगा कि चुटकुलों वाली कॉमेडी हर जगह नहीं चलती। फिल्मों में तो बिल्कुल नहीं। उस दौर की प्रेम कहानी से जुड़े कुछ दृश्य रोचक हैं, जैसे मंगत, सरगी के घर से एक रजाई उधार ले जाता है, जिस पर एक मोरनी कढ़ी हुई है। जब वह वापस करता है, तो सरगी देखती है कि मोरनी के पास एक आड़ा-टेढ़ा सा मोर कढ़ा हुआ है।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है। एक दृश्य जिसमें सरगी (इशिता दत्त) अपने प्रेमी मंगतराम (कपिल) से मिलकर घर आती हैं और दरवाजा बंद करके मुड़कर शरमाते हुए उसकी टेक लेकर खड़ी हो जाती हैं। ठीक इसी पल दरवाजे की एक झिरी से सूरज की रोशनी अंदर आती है। यह दृश्य काफी प्रभावी बन पड़ा है। फिल्म की दूसरी अभिनेत्री मोनिका गिल का किरदार फिल्म लगान में ब्रिटिश अभिनेत्री रैशेल शेली के किरदार से प्रेरित है। बस एक बात गले नहीं उतरती। वह जब अंग्रेजों से बात करती हैं तो हिंदी में और जब गांववालों से बात करती हैं तो अंगे्रजों में। फिल्म में और भी ऐसे कई संवाद हैं जो उस दौर के नहीं लगते। हालांकि गांव का सेट बनाने में काफी मेहनत की गई है। सुनिधि चौहान की आवाज में गाया गया ‘ओए फिरंगी’ गीत प्रभावी है। राहत फतेह अली खान की आवाज में ‘साहिबा रुस गई’ भी बेहद कर्णप्रिय है। ज्योति नूरन, शफकत अमानत अली खां और दलेर मेहंदी ने भी अपने-अपने गीतों को अच्छी तरह गाया है जिनमें पंजाबी पिंड दी खुशबू है। फिल्म की शुरुआत में अमिताभ बच्चन ने वॉइसओवर किया है, जो काफी दमदार है। फिल्म और बेहतर हो सकती थी अगर-

-इसकी लंबाई लगभग 20 मिनट और कम होती

-इसमे चुटकुले काफी कम हैं, पर बेहतर होगा अगर इन्हें एकदम ही खत्म कर सहज हास्य को रखा जाता

-किरदारों को थोड़ा और रोचक बनाया जाता

-कहानी में थोड़ा सस्पेंस बढ़ाया जाता

कुल मिलाकर फिरंगी को एक औसत फिल्म कहा जा सकता है, और अगर आप कपिल शर्मा के फैन हैं, तो उन्हें एक अलग अंदाज में देखने के लिए यह फिल्म देख सकते हैं।

रेटिंग- 2 स्टार