स्मार्टफोन आज सबकी पसंद बन गए हैं और जरूरत भी। नए-नए फीचर्स और अपडेट के साथ तमाम कंपनियां अपने स्मार्टफोन लॉन्च कर रही हैं। बावजूद इसके, बेसिक हैंडसेट की धमक आज भी बरकरार है। बेशक, स्मार्टफोन आने के बाद लोगों ने बेसिक हैंडसेट को बेकार समझकर रख दिया हो, लेकिन नोकिया 3310 से लेकर मोटोरोला Razr तक पुराने क्लासिक फोन फिर से वापिसी कर रहे हैं। सीमित फीचर और सस्ते दाम का टैग होने के बावजूद इन हैंडसेट को लोग खूब खरीद रहे हैं। इस साल नोकिया और मोटोरोला दोनों ने अपने पुराने क्लासिक बेसिक फोन का नया वर्जन पेश किया। फरवरी में नोकिया ने 3310 का नया वर्जन पेश किया था। ऑरिजनल वर्जन के 17 साल बाद यह नया वर्जन लॉन्च किया गया था।

 

एक्सपर्ट का कहना है कि इन मोबाइल में भले ही सिर्फ बेसिक फीचर ही हैं, लेकिन आने वाले वक्त में यह बड़ा ट्रेंड सैट करने वाले हैं। लोगों ने इनकी खरीददारी शुरु कर दी है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि इन फोन के लिए लोगों का रुझान बढ़ने का कारण है बीते हुए वक्त को याद करना। इसके अलावा स्मार्टफोन के मुकाबले इनकी कम कीमत भी एक कारण है। लोगों यह भी महसूस करने लगे हैं कि महंगे स्मार्टफोन में दिए जाने वाले सभी फंक्शन की जरूरत उन्हें नहीं है। इसके अलावा बेसिक फोन की अपनी एक सादगी है, जो पसंद की जा रही है।

 

विंटेज रीवैम्प मोबाइल बेचने वाली फ्रेंच ऑनलाइन शॉप लैक्की का दावा है कि ‘सादगी आगे बढ़ने का रास्ता है। तमाम ऑनलाइन सोशल नेटवर्क और ईमेल तथा ऐप की भरमार ने हमें रोजमर्रा की जिंदगी में तकनीक का गुलाम बना दिया है।‘ लैक्की के संस्थापक मैक्सिम चैनसन का कहना है कि दो तरह के लोग हैं। एक तो 25 से 35 साल तक के लोग जो बेसिक और ऑफबीट फोन को इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि थोड़े अलग हैं। दूसरा कुछ लोग बीते वक्त की याद में इन बेसिक फोन को खरीद रहे हैं, जो उन्होंने अपनी युवावस्था में इस्तेमाल किए थे। कुछ लोग फोन मेकर्स में होने वाली टेक्नोलॉजी की रेस से परेशान होकर भी इन फोन की ओर लौट रहे हैं, तो कुछ लोग विंटेज फोन के लगाव के चलते। नोकिया के सीईओ अर्टो नुमेला के मुताबिक यह एक तरह से डिजिटल डिटॉक्स है। इन फोन को हॉलीडेफोन भी कह सकते हैं। अगर आप स्मार्टफोन के तमाम झंझटों को बंद करना चाह रहे हैं, लेकिन आपको एक मोबाइल भी चाहिए,तो ऐसे में यह बेसिक फोन ही समाधान हैं।