फुटबॉलर सीके विनीत को कम उपस्थिति के चलते नौकरी से निकाल दिया गया है. वे केरल अकाउंटेंट जनरल कार्यालय में कार्यरत थे. हालांकि मामला सामने आने के बाद केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने जांच के आदेश दिए है.

उन्‍होंने कहा कि खिलाड़ी की प्राथमिकता देश के लिए मेडल जीतना होती है ना कि दफ्तर में हाजिरी की चिंता करना. गोयल ने एजी कार्यालय को खत लिखने का वादा किया है. विनीत भारतीय फुटबॉल टीम के सदस्‍य भी रह चुके हैं.

विनीत को  2012 में खेल कोटे से नौकरी दी गई थी. विनीत ने बताया कि ट्रेनिंग शेड्यूल और बेंगलुरु एफसी के मैचों के चलते वे दफ्तर नहीं जा पाए. उनका प्रोबेशन भी बढ़ा दिया गया था लेकिन वे इसे पूरा नहीं कर पाए हैं. केरल के खेल मंत्री एसी मोइदीन ने भी एजी ऑफिस से फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है.

विनीत को हालांकि अभी तक टर्मिनेशन लेटर नहीं मिला है.

वे केरल के कन्‍नूर के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं. वे आई-लीग में बेंगलुरु एफसी की ओर से स्‍ट्राइकर के रूप में खेलते हैं. साथ ही इंडियन सुपर लीग में केरला ब्‍लास्‍टर्स से जुड़े हुए हैं.