Wednesday, 18 September 2019, 6:10 AM
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आत्मा का दिव्य भाव 

Updated on 18 September, 2019, 6:00
जो व्यक्ति दिव्य पद पर स्थित है, वह न किसी से ईष्या करता है और न किसी वस्तु के लिए... आगे पढ़े

प्रधानता आत्मा को 

Updated on 17 September, 2019, 6:00
मनुष्य सामान्यत: जो बाह्य में देखता, सुनता, समझता है वह यथार्थ ज्ञान नहीं होता। किन्तु भ्रमवश उसी को यथार्थ ज्ञान... आगे पढ़े

 कैंची काटती है, सुई जोड़ती है 

Updated on 16 September, 2019, 6:00
कैंची काटती (तोड़ती) है और सुई जोड़ती है। यही कारण है कि तोड़ने वाली कैंची पैर के नीचे पड़ी रहती... आगे पढ़े

जहाँ शांति है वही सुख 

Updated on 15 September, 2019, 6:00
यदि हमारे पास दुनिया का पूरा वैभव और सुख-साधन उपलब्ध है परंतु शांति नहीं है तो हम भी आम आदमी... आगे पढ़े

जीवन एक क्रिकेट मैच 

Updated on 14 September, 2019, 6:00
प्रांतिकारी संत तरुणसागरजी ने क्रिकेट की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन एक क्रिकेट है, धरती की विराट पिच पर... आगे पढ़े

क्या हैं आध्यात्मिक होने का अर्थ 

Updated on 13 September, 2019, 6:00
यह प्रश्न किसी भी जिज्ञासु के मन में उठ सकता है कि हमें ठीक-ठीक ऐसा क्या करना चाहिए ताकि वह... आगे पढ़े

ज्ञेय और ज्ञान का संबंध

Updated on 12 September, 2019, 6:00
दर्शन के क्षेत्र में ज्ञान और ज्ञेय की मीमांसा चिरकाल से होती रही है। आदर्शवादी और विज्ञानवादी दर्शन ज्ञेय की... आगे पढ़े

उत्तम आकिन्चन्य, ममता दुख की खान

Updated on 11 September, 2019, 6:30
बाहर के पत्थर फेंकने से काम नहीं चलेगा, बाहर के बोझ के साथ साथ भीतरी बोझ भी उतारना जरूरी है।... आगे पढ़े

 सन्मार्ग की प्रवृत्ति

Updated on 11 September, 2019, 6:00
उत्तम कार्य की कार्य प्रणाली भी प्राय: उत्तम होती है। दूसरों की सेवा या सहायता करनी है, तो प्राय: मधुर... आगे पढ़े

प्रेम और समर्पण

Updated on 9 September, 2019, 6:00
प्रेम जीवन की परम समाधि है. प्रेम ही शिखर है जीवन ऊर्जा का. वही गौरीशंकर है जिसने प्रेम को जाना,... आगे पढ़े

शांति के लिए संतुलन जरूरी है.... 

Updated on 8 September, 2019, 6:00
अति हमेशा नुकसान दायक है। यह नियम अच्छी और बुरी दोनों आदतों पर लागू होता है। ऋषि-मुनियों ने अति को... आगे पढ़े

 निर्णय में बदलाव पर नजर

Updated on 7 September, 2019, 6:00
लोगों के व्यवहार व कार्यो से या तो तुम सहमत होते हो या असहमत। परंतु इतना सदैव याद रखो कि... आगे पढ़े

पशुवध निंदनीय-दंडनीय कर्म

Updated on 6 September, 2019, 6:00
सतोगुण में किये गये पुण्यकर्मो का फल शुद्ध होता है, अतएव वे मुनिगण, जो समस्त मोह से मुक्त हैं, सुखी... आगे पढ़े

वाणी हमेशा अच्छी रहे 

Updated on 5 September, 2019, 7:00
हमारी वाणी भी जीवन में अहम भाव रखती है और यह बिगड़ जाये तो जीवन कष्टकारी होने में देर नहीं... आगे पढ़े

एकता में भाषा भी अवरोध

Updated on 4 September, 2019, 6:00
भाषा, जो दूसरों तक अपने विचारों को पहुंचाने का माध्यम है, उसे भी राष्ट्रीय एकता के सामने समस्या बनाकर खड़ा... आगे पढ़े

 राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्व 

Updated on 3 September, 2019, 6:00
आर्थिक और सामाजिक असमानता राष्ट्रीय एकता में बहुत बड़ी बाधा है। उस असमानता का मूल है अहं और स्वार्थ। इसलिए... आगे पढ़े

मन की शक्ति 

Updated on 2 September, 2019, 6:00
मन को जीवन का केंद्रबिंदु कहना असंभव नहीं है। मनुष्य की प्रियाओं, आचरणों का प्रारंभ मन से ही होता है।... आगे पढ़े

कर्त्तव्य को बनाएं सर्वोपरि लक्ष्य 

Updated on 1 September, 2019, 6:00
अध्यापक ने विद्यार्थियों से पूछा- ‘रामायण और महाभारत में क्या अंतर है?’ विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी समझ के अनुसार उत्तर दिए।... आगे पढ़े

साधना और सुविधा 

Updated on 31 August, 2019, 6:00
आसक्ति के पथ पर आगे बढ़ने वाले अपनी आकांक्षाओं को विस्तार देते हैं। उनकी इच्छाओं का इतना विस्तार हो जाता... आगे पढ़े

 प्रेम और सहयोग का नाम है परिवार  

Updated on 30 August, 2019, 6:00
पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, स्वच्छता, प्रेम, संतुष्टि व व्यसनमुक्ति से ही परिवार संयुक्त और समृद्घिशाली बनता है। वे सौभाग्यशाली... आगे पढ़े

कर्म के पाप-पुण्य में फंस जाता है जीव  

Updated on 29 August, 2019, 7:15
ईश्वर क्षेत्रज्ञ या चेतन है, जैसा कि जीव भी है, लेकिन जीव केवल अपने शरीर के प्रति सचेत रहता है,... आगे पढ़े

सुख की उपेक्षा क्यों?  

Updated on 28 August, 2019, 6:00
मेरे पास लोग आते हैं। जब वे अपने दुख की कथा रोने लगते हैं, तो बड़े प्रसन्न मालूम होते हैं।... आगे पढ़े

 सुख के स्वभाव में डूबो  

Updated on 27 August, 2019, 6:15
लगता है, आदमी दुख का खोजी है। दुख को छोड़ता नहीं, दुख को पकड़ता है। दुख को बचाता है। दुख... आगे पढ़े

सत्ता और नैतिकता  

Updated on 26 August, 2019, 6:00
सत्ता के संचालन में शक्ति की अपेक्षा रहती है या नहीं, यह एक बड़ा प्रश्न है। शक्ति दो प्रकार की... आगे पढ़े

इच्छाओं को समर्पित करते जाओ  

Updated on 25 August, 2019, 6:00
सभी इच्छाएं खुशी के लिए होती हैं। इच्छाओं का लक्ष्य ही यही है। किंतु इच्छा आपको कितनी बार लक्ष्य तक... आगे पढ़े

चैन से सोना है तो 'सोने' को कहें ना  

Updated on 24 August, 2019, 6:00
सोने की चमक सभी को आकर्षित करती है। इसी आकर्षण के कारण लोग अधिक से अधिक सोना खरीदने चाहते हैं।... आगे पढ़े

निष्ठा और सत्य 

Updated on 21 August, 2019, 6:00
निष्ठा अविभाजित मन, अविभाजित चेतना का स्वभाव है। ईश्वर में तुम्हारी निष्ठा है, उसे जानने का प्रयत्न मत करो। आत्मा... आगे पढ़े

ध्वनि तंरगों से रोगें का उपचार  

Updated on 20 August, 2019, 6:00
यह बात जान कर आप सभी को आश्चर्य होगा की ध्वनि तंरगें से भी रोगों के उपाच होते है। यह... आगे पढ़े

वाणी का शरीर पर प्रभाव  

Updated on 19 August, 2019, 6:00
मानव शरीर में अनेक ग्रंथियां होती हैं,पियूष ग्रंथि मस्तिष्क में होती है, उससे 12 प्रकार के रस निकलते है, जो... आगे पढ़े

 मौन का तन मन की सुन्दरता के लिये महत्व 

Updated on 18 August, 2019, 6:00
प्रत्येक मनुष्य सुन्दर एवं स्वस्थ्य रहना चाहता है। सुन्दरता एवं स्वस्थ्य का राज मौन मै छिपा हुआ है। सामान्यतŠ चुप... आगे पढ़े

मूवी रिव्यू